बांदा के प्रो.रामनारायण द्विवेदी।
- फोटो : BANDA
बांदा। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर भूमि पूजन का सादर आमंत्रण मिलने पर अछरौड़ निवासी प्रो. रामनारायण द्विवेदी बेहद खुश हुए। उन्होंने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने करीब पांच दिन पूर्व श्रीराम जन्मभूमि मंदिर भूमि पूजन के लिए सादर आमंत्रण भेजा था। वे बताते हैं कि उनके लिए यह बेहद गौरव का संदेश था।
बुधवार (5 अगस्त) को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की भूमि पूजा के लिए नामित तीन पुजारियों का मार्गदर्शन रामनारायण द्विवेदी को ही सौंपा गया। लगभग 40 मिनट की पूजा में उन्होंने यह काम बखूबी अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि पूजा में सर्वदांगिनी वैदिक ब्राह्मणों ने गणपित पूजन से शुरुआत कराई। बताया कि भगवान के मंदिर का भूमिपूजन मेरे लिए ऐतिहासिक क्षण रहा।
यह मेरे जीवन की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि है। इसकी खुशी मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता। उधर, पैतृक गांव अछरौड़ में पिता शिवनाथ प्रसाद द्विवेदी, माता रामप्यारी द्विवेदी और बड़े भाई रजनेश द्विवेदी रहते हैं और खेतीबाड़ी करते हैं। छुट्टी मिलने पर प्रो. द्विवेदी भी पैतृक गांव आते हैं। उधर, अछरौड़ गांव में बुधवार को खुशियों का माहौल रहा। प्रो. द्विवेदी के माता-पिता को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। यहां के लोग अपने लाल की उपलब्धियों पर फूले नहीं समा रहे हैं।
प्रो. रामनारायण को मिल चुके हैं कई पुरस्कार
संस्कृत विधा में प्रख्यात प्रो. रामनारायण द्विवेदी को कई सम्मान मिल चुका है। वह महर्षि पाणिनी सम्मान, महर्षि व्यास सम्मान, दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित द्वारा संस्कृत भूषण सम्मान, उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा विशिष्ट पुरस्कार के अलावा बिहार और हरियाणा सरकारों द्वारा व्याकरण भूषण सम्मान से सम्मानित हैं। प्रो. द्विवेदी काशी हिंदू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के साथ प्राक्टर का दायित्व भी निभा रहे हैं। संस्कृत अध्यापन की साधना दरभंगा विश्वविद्यालय में की थी।