बांदा। पूरे माह रोजे का शरई हुक्म पूरा करने वाले रोजेदार ईदगाह में अपने रब का शुक्र अदा न कर सके। इतिहास में ये पहला मौका था कि ईद की सुबह ईदगाह सूनी रही। साल में सिर्फ एक बार पढ़ी जाने वाली खास नमाज घर के कमरों में अदा हुई। ईदगाह से शुरू होकर घरों की ड्योढ़ी तक पूरे दिन चलने वाला गले मिलन भी दूर से ही मुबारकबाद के लेनदेन में सिमट गया। कई पीढ़ी देख चुके बुजुर्ग बताते हैं कि ईद की खुशियां घरों में ‘कैद’ पहली मर्तबा देखी।
सोमवार को ईद मनाई गई। हालांकि रमजान की शुरुआत में तय हो गया था कि अबकी ईद की सूरत क्या होगी? जानलेवा महामारी कोरोना के मंडराते खतरे के बीच लागू हुए लॉकडाउन का पूरे रमजान माह सभी ने खुशी-खुशी पालन किया। मस्जिदों में सामूहिक नमाजें नहीं हुईं। मुस्लिम उलेमाओं ने भी इन हालात में मस्जिदों या ईदगाह में नमाज की वकालत नहीं की।
सुबह से ही लोगों ने घर के किसी कमरे, बरामदे या आंगन में ईद की नमाज का इंतजाम शुरू कर दिया। पूरे परिवार के पुरुषों ने एक साथ नमाज अदा की। रोजमर्रा की नमाजों से अलग हटकर ये नमाज होने से कई लोगों को इसकी अदायगी में अड़चनें भी आईं। मोबाइल से व्हाट्सएप और मैसेज के जरिये मुबारकबाद देने की होड़ रही।
उधर, लॉकडाउन का पालन कराने के लिए एहतियातन ईदगाह और मस्जिदों में पुलिस तैनात रही। फ्लैग मार्च भी होता रहा। ड्रोन कैमरे भी नजर रखी गई। अलीगंज पुलिस चौकी में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी जमे रहे। डीआईजी दीपक कुमार ने भी निरीक्षण किया। एडीएम संतोष बहादुर सिंह, अपर एसपी एलबीके पाल, सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह, सीओ सिटी आलोक मिश्र, इंस्पेक्टर दिनेश सिंह सहित कई चौकी का फोर्स मौजूद रहा।
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हाथ जोड़कर दी मुबारकबाद
नरैनी। लॉकडाउन के बीच क्षेत्र में शांतिपूर्ण ढंग से ईद मनाई गई। सोशल डिस्टेंसिंग के बीच घरों में नमाज अदा हुई। हिंदू-मुस्लिम दोनों वर्ग के लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलने की बजाय हाथ जोड़कर मुबारकबाद दी। नसेनी, गोरे पुरवा, जमवारा, लहुरेटा, रंजीतपुर, करतल, पनगरा, हड़हा कबौली, कलहरा आदि गांवों में उत्साह के साथ ईद मनाई गई। कोतवाली प्रभारी फोर्स के साथ डटे रहे।
घरों में अदा की ईद की नमाज
तिंदवारी। लॉकडाउन का पालन करते हुए कस्बे के अलावा परसौड़ा, जमुवा, धौंसड़ में उत्साह के साथ ईद मनी। मुस्लिमों ने घरों में ही ईद की नमाज अदा की। देश से महामारी के खात्मे और तरक्की की दुआ मांगी। अंजुमन कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद साबिर ने बताया कि मस्जिदों के बजाए घरों पर नमाज की लगातार अपील की गई। इंस्पेक्टर नीरज कुमार सिंह, एसएसआई रामदिनेश तिवारी, एसआई नौशाद, संजीव कुमार, अनिरुद्ध प्रताप सिंह आदि भ्रमण करते रहे।
मस्जिदों में रहा सन्नाटा
बबेरू/चिल्ला। घरों में नमाज अदा करने के बाद परंपरागत रूप से ईद मनाई गई। एक-दूसरे को मुबारकबाद देने की होड़ रही। लॉकडाउन की पाबंदी से मस्जिदों में सन्नाटा रहा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भ्रमण करता रहा। एसडीएम महेंद्र प्रताप और सीओ राजीव प्रताप सिंह, कोतवाली प्रभारी जय श्याम शुक्ला भी जायजा लेते रहे। उधर, चिल्ला में कसबा सहित सादी मदनपुर, गौसीपुर, लौमर, सादीपुर, गुगौली आदि मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में जोश के साथ ईद मनाई गई। मस्जिदों की बजाय घरों में नमाज अदा की। थानाध्यक्ष विजय सिंह के निर्देशन में पुलिस की पांच टीमें गश्त करती रही।