रोडवेज बस में मजदूरों की उमड़ी भीड़।
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बांदा। महानगरों से पैदल या किसी अन्य जुगाड़ से लौट रहे मजदूरों का रोडवेज बस स्टैंड पर जमावड़ा लग रहा है। रविवार को तो इनकी संख्या हजार का आंकड़ा पार कर गई। परिवहन निगम ने पुलिस के पहरे में विभिन्न रूटों पर 15 बसों से इन यात्रियों को रवाना किया। 24 घंटे के अंदर 30 बसें यात्रियों को लेकर रवाना हो चुकी हैं। लगभग 800 यात्रियों को उनके गंतव्य स्थानों पर रवाना किया गया। अफरा-तफरी में सोशल डिस्टेंस का मानक भी नहीं अपनाया जा सका।
महानगरों से लौटने वालों का सिलसिला रात-दिन जारी है। इनमें बच्चे और महिलाएं भी हैं। सिरों पर सामान की पोटली और युवा पीठ पर बैग टांगे लगातार चल रहे हैं। दिल्ली, सूरत, महाराष्ट्र आदि से लौट रहे हजारों मजदूरों में ज्यादातर जिले के ग्रामीण इलाकों के हैं। रास्ते में इन्हें विभिन्न संगठनों और समाजसेवियों द्वारा पानी और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
शनिवार को 15 बसों की खेप इन मजदूरों को लेकर कानपुर और सीमावर्ती मध्य प्रदेश के सतना जनपद गई थीं। अगले दिन रविवार को भी इतनी ही बसों से मजदूरों को प्रयागराज, कानपुर, हमीरपुर, फतेहपुर और मध्य प्रदेश के कटनी भेजा गया। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह और तहसीलदार अवधेश निगम भी फोर्स के साथ उपस्थित रहे। बांदा डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक परमानंद ने बताया कि यात्रियों की उपलब्धता पर आगे भी बसें भेजी जा सकती हैं। रविवार को भी पैदल चलकर यहां पहुंचने वाले मजदूरों का सिलसिला जारी है।