कलेक्ट्रेट में फावड़े के साथ प्रदर्शन करते मजदूर।
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बालू न मिलने से बंद पड़े सरकारी और गैर सरकारी निर्माण कार्यों से बेरोजगार हुए मजदूरों ने बुधवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद धरना दिया। उनके हाथों में फावड़े थे। डीएम से फरियाद की कि भुखमरी से बचाएं।
मजदूरों का जत्था रामलीला मैदान से नारे लगाते हुए जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचा। इनके हाथों में फावड़ा, कुदाल और कन्नी थी। डीएम को तीन सूत्री मांग पत्र दिया। इसमें बालू बगैर काम न मिलने का हवाला देकर कहा कि आर्थिक तंगी से पूरा परिवार जूझ रहा है।
नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है और बच्चों की पढ़ाई का बंदोबस्त नहीं हो पा रहा है। मजदूरों ने फरियाद की कि उन्हें काम दिलाया जाए। प्रदर्शनकारी मजदूरों में रामबहोरी (मंझिला), मोतीलाल वर्मा (लामा), राजू, श्रीराम पाल, राजा भइया, सुरिजपाल, धीरूराम, मुन्ना (बरगहनी), मन्नूलाल, रामफल, रविकरन, लालमन, रामविलास (मरौली), रामऔतार (शुकुलकुआं), रामसखी, रामस्वरूप (भभुवा), बड़कू प्रजापति, रामपाल, छत्रपाल, राजेश आदि शामिल रहे।