बांदा। उत्तर प्रदेश संघ लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के जारी पीसीएस-2018 के परिणाम में जिले के कई युवाओं ने विभिन्न उच्च पदों पर सफलता हासिल की। खेतों और मकानों में मजदूरी करने वाले का बेटा डीएसपी बन गया। इसी तरह फुटपाथ पर खोया बेचकर बेटे की पढ़ाई का खर्च उठाने वाले का बेटा एक्साइज इंस्पेक्टर चयनित हुआ है। इसी तरह अन्य ने भी विभिन्न पदों के लिए सफलता अर्जित की।
नरैनी क्षेत्र के पनगरा गांव की शक्ति त्रिपाठी का चयन जिला प्रोबेशन अधिकारी पद पर हुआ है। हालांकि वह एसडीएम पद की इच्छुक थीं। पिता श्रीकांत त्रिपाठी रामायणी हैं। शक्ति की शिक्षा प्रयागराज में हुई। परास्नातक में अर्थशास्त्र से गोल्ड मेडलिस्ट भी हैं। शक्ति पहली बार में ही पीसीएस परीक्षा में सफल रहीं। अपनी सफलता का श्रेय माता शैल त्रिपाठी, पिता श्रीकांत त्रिपाठी को दिया।
पैलानी तहसील के तारा गांव के मजदूर के बेटे राजू निषाद का चयन डीएसपी (पुलिस उपाधीक्षक) पद पर हुआ है। तीसरी बार में उसे यह सफलता मिली। अभी वह एसडीएम के लिए तैयारी करेगा। पिता शिवकुमार गांव में मेहनत-मजदूरी करते हैं। दूसरों के खेतों में काम करके या राजमिस्त्री की मजदूरी करके बेटे को पढ़ाया। मां उर्मिला गृहणी हैं। प्रारंभिक शिक्षा बांदा में ही पूरी करने के बाद प्रयागराज में पीपीएस की तैयारी की।
बांदा शहर के बाजार में लंबे अरसे से फुटपाथ पर बैठकर खोवा बेचने वाले का बेटा आबकारी निरीक्षक बन गया है। छोटी बाजार निवासी रमेश प्रसाद गुप्ता को अपने बेटे नारायण गुप्ता की इस कामयाबी पर गर्व है। कहा कि बेटे ने उसकी मेहनत भरी कमाई का फल दिया है। मां सुशीला गुप्ता घर में सिलाई करती हैं। नारायण गुप्ता ने कहा कि काफी संघर्षों के बाद यह मुकाम पाया है। सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ अपने गुरु इंजीनियर ओपी तिवारी को दिया।
प्रचार अधिकारी का बेटा सूचना अधिकारी बना
बांदा में सहायक क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी पद पर तैनात रामरूप पाल के बेटे नीलेश स्वरूप का चयन जिला सूचना अधिकारी के पद पर हुआ है। हालांकि उनका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में सफलता हासिल करने का है। प्राथमिक शिक्षा बांदा से करने के बाद नीलेश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और बीएड किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पिता को दिया। मां गृहणी हैं। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वालों को सफलता जरूर मिलती है।
बिसंडा की पूजा गुप्ता का चयन खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पद पर हुआ। वह दो साल से दिल्ली में रहकर तैयारी कर रहीं थीं। बताया कि आगे की तैयारी जारी रखेंगी। पिता केदार गुप्ता बर्तन व्यवसायी हैं। उन्होंने बताया कि पूजा शुरू से पढ़ाई में तेज थी। बड़ा पुत्र मनोज गुप्ता सीओ पद पर तैनात है, बहू अदिति जैन कानपुर में सिविल जज हैं। पूजा ने प्रारंभिक पढ़ाई बिसंडा इंटर कॉलेज से पूरी की। स्नातक अतर्रा डिग्री कॉलेज अतर्रा से की।
नारायण गुप्ता।- फोटो : BANDA
नीलेश स्वरूप पाल।- फोटो : BANDA