सहायक अध्यापक शैलेंद्री को कलेक्ट्रेट से ले जाती पुलिस। साथ में इंचार्ज प्रधानाध्यापक भी।
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बांदा। जौरही प्राथमिक विद्यालय में इंचार्ज महिला प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक के बीच छिड़े द्वंद्व ने तूल पकड़ लिया। दो दिन पूर्व एसडीएम के निरीक्षण के बाद यह विवाद खुलकर सामने आ गया।
सोमवार को सहायक अध्यापक ने कलेक्ट्रेट आकर अपनी जान का खतरा बताते हुए शोर मचाया। इसी बीच इंचार्ज प्रधानाचार्य भी पहुंच गईं। पुलिस ने दोनों का 151 में चालान कर दिया और अस्पताल में डाक्टरी मुआयना कराया।
दो दिन पूर्व एसडीएम प्रहलाद सिंह ने जौरही में स्कूल का निरीक्षण किया। वहां इंचार्ज प्रधानाध्यापक शाजिया परवीन और सहायक अध्यापक शैंलेंदी देवी के बीच जमकर आपसी तनातनी के चलते पढ़ाई बाधित होने की रिपोर्ट डीएम और बीएसए को दी।
अगले ही दिन गांव की मौजूदा प्रधान और दो पूर्व प्रधानों समेत पंचायत सदस्यों आदि ने सामूहिक हस्ताक्षरों से डीएम को अर्जी देकर कहा कि इंचार्ज प्रधानाध्यापक समय से स्कूल आती-जाती हैं। ग्रामीणों ने उनकी वकालत की और शैलेंद्री का विरोध। यह खबर भी सोमवार को प्रकाशित हुई।
शैलेंद्री ने आरोप लगाया कि रास्ते में प्रधानाध्यापक के पति चार लोगाें के साथ आ गए और उसके साथ बदसलूकी की। जैसे तैसे स्कूल पहुंची तो वहां भी इन लोगों ने अभद्रता की। मोबाइल पर सूचना दी तो पुलिस आ गई और उसकी जान बची।
कलेक्ट्रेट में कुछ देर बाद कोतवाली देहात पुलिस आ गई और उसे थाने लेे गई। उधर, प्रधानाध्यापक शाजिया परवीन ने भी शैलेंद्री पर मारपीट व ड्यूटी में लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस ने दोनों पक्षों पर 151 के तहत कार्रवाई की। दोनों का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। अदालत से दोनों को जमानत मिली।