बांदा। ‘नहीं डरेंगे घुड़की से, खींच लेंगे कुर्सी
से’। गुलाबी गैंग का यह नारा सुनते ही कोतवाली प्रभारी आपा खो बैठे। नारा
लगा रहीं गुलाबी गैंग की महिलाओं को जमकर हड़काया और धमकाया।
वह
शब्द भी कह डाले, जिन्हें लिखा या बयां नहीं किया जा सकता। महिलाएं भी
उत्तेजित हो गईं। बाद में दोनों पक्षों का पारा गिरने पर बातचीत हुई। घरेलू
मामले में पुलिस ने कोई मदद करने से इनकार कर दिया।
खाईंपार निवासी
बदरून उर्फ मुनिया को उसका पति प्रतिदिन मारता-पीटता है। उसका खाना-पानी
बंद कर दिया। सोमवार को सुबह भी उसकी लात और घूूंसों से पिटाई की।
बदरून
की अर्जी के साथ गुलाबी गैंग की दर्जनों महिलाएं कोतवाली पहुंचीं और इस
मुद्दे पर आरोपी पति के विरुद्ध कार्रवाई के लिए प्रदर्शन किया। गुलाबी
गैंग की महिलाओं ने नारे शुरू कर दिए-‘नहीं डरेंगे घुड़की से, खींच लेंगे
कुर्सी से’। इस पर कोतवाली प्रभारी का पारा चढ़ गया। वे भड़क उठे और गुलाबी
गैंग की महिलाओं से पुलिसिया भाषा का इस्तेमाल कर डाला।
कोतवाल के
तेवर देख महिलाओं के तेवर ठंडे हो गए। इसी बीच गुलाबी गैंग की एक महिला ने
कोतवाली प्रभारी का यह रूप अपने मोबाइल फोन पर क्लिक कर लिया।
बाद
में कोतवाली प्रभारी ने पति-पत्नी के मामले में अदालत की पनाह लेने की
सलाह देकर चलता कर दिया। उधर, कोतवाली प्रभारी ने किसी तरह की बदसलूकी से
इनकार किया है।