कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी से मिलने के बाद खड़ीं महिला खिलाड़ी। संवाद
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बांदा। राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में भाग लेने आगरा गईं महिला खिलाड़ियों को जिम्मेदारों ने बिना टिकट ट्रेन में बैठा दिया। पकड़े जाने पर हर खिलाड़ी पर 500 रुपये का जुर्माना लगा। खिलाड़ियों की शिकायत पर मंडलायुक्त ने मंडलीय क्रीड़ाधिकारी को तलब किया है। डीएम ने भी क्रीड़ाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है।
आगरा में 5 से 7 नवंबर तक राज्य स्तरीय महिला कबड्डी प्रतियोगिता हुई थी। इसमें भाग लेने के लिए महिला खिलाड़ियों को ट्रेन में बिना टिकट बैठा दिया गया। झांसी में पकड़े जाने पर सभी महिला खिलाड़ियों को 500-500 रुपये जुर्माना देना पड़ा। वापस आने के बाद खिलाड़ियों ने इसकी शिकायत चित्रकूटधाम मंडलायुक्त आरपी सिंह और डीएम दीपा रंजन से की।
खिलाड़ी प्रियंका, खुशबू, अल्शिफा, अंजली, रेशमा, शाबरीन, एकता, प्रियांशी ने बताया कि खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में ले जाने की जिम्मेदारी टीम मैनेजर की होती है। उन्होंने उनका टिकट नहीं कराया। पकड़े जाने पर जब उनसे मदद के लिए कहा तो वह चलती ट्रेन में चढ़कर चली गईं। क्रीड़ाधिकारी ने फोन नहीं उठाया। वह सभी अन्य साधनों से रात दो बजे आगरा पहुंचीं। सुबह मंडलीय क्रीड़ाधिकारी व टीम मैनेजर से इस बारे में बात की तो अभद्रता की गई।
टीम मैनेजर सोनाली का कहना है कि मंडलीय टीम को चित्रकूट से संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से ले जाने की व्यवस्था की गई थी। बांदा से कौन खिलाड़ी जा रहे हैं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी। क्रीड़ाधिकारी विजय कुमार का कहना है कि खिलाड़ियों को टिकट लेकर जाना चाहिए था। बाद में उन्हें किराया दिला दिया जाता। बिना टिकट पकड़े जाने की सूचना उन्हें नहीं दी गई।