-ट्रैक्टर व पक्के मकान वालों ने लगाया गरीबी रेखा का आय प्रमाण पत्र
-कई के निवास प्रमाण पत्र फर्जी होने का आरोप, एसडीएम कराएंगे जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। आंगनबाडी भर्ती में गड़बड़ी की परतें खुलने लगी हैं। ट्रैक्टर व बड़े काश्तकारों की पत्नियों ने आंगनबाड़ी भर्ती में फर्जी आय व निवास प्रमाण पत्र लगाकर नियुक्ति पा ली। ऐसी 12 से अधिक चयनित आंगनबाडी कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी ने एसडीएम से आय व निवास प्रमाण की जांच कराने के लिए पत्र लिखा है।
पिछले दिनों आंगनबाड़ी की भर्ती हुई हैं। इसमें गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं को वरीयता दी जाना थी। बताते हैं कि घर में ट्रैक्टर, 20 बीघे से अधिक कृषि भूमि, पक्का मकान होते हुए भी तमाम अभ्यार्थियों ने लेखपालों से मिलकर गरीबी रेखा का आय प्रमाण पत्र बनवा लिया। कुछ चयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ऐसी भी हैं, जिन पर आरोप हैं कि वह गांव में नहीं रहती हैं। फर्जी निवास प्रमाण पत्र लगाकर नियुक्ति पा ली है। जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल ने फूला देवी व अंजना कुमारी के पत्र का हवाला देते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की है कि चयनित आंगनबाड़ी प्रियंका देवी का गरीबी रेखा का आय प्रमाण पत्र गलत तरीके से बना है, जबकि वह पात्र नहीं है। इसी प्रकार तरायां निवासी सारिका सिंह ने जिलाधिकारी को दिए शिकायत पत्र में कहा कि शालिनी देवी पुत्री राजकुमार का आंगनबाडी में चयन हुआ है। जबकि यह गांव की रहने वाली ही नहीं हैं। वह शाहपुरसानी (ब्लाक बिसंडा) की हैं। तीन साल पहले इनकी शादी हो चुकी है।
ग्राम पंचायत लाखीपुर ग्राम प्रधान छोटेलाल व ललिता देवी ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की है कि चयनित आंगनबाड़ी खुशबू चौधरी गांव की रहने वाली नहीं है। इन्होंने फर्जी आय व निवास प्रमाण लगाया है। रामपुर के आंनद ने डीएम से शिकायत की है कि आंगनबाड़ी पद पर वंदना पाल का चयन किया गया है।वंदना का पति एक प्राइवेट कंपनी में सुपरवाइजर है और इसके पास 23 बीघा सिचिंत भूमि भी है। जांच व कार्रवाई की मांग की है।
एसडीएम को जांच के लिए लिखा पत्र
डीएम के आदेश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार पांडेय ने संबंधित एसडीएम को चयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आय व निवास प्रमाण की जांच कराए जाने के लिए पत्र लिखा है। कहा कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।