बांदा। डिलीवरी के कुछ दिन बाद महिला बीमार पड़ गई। ससुराली वाले इलाज कराने कानपुर ले गए। वहां उसने दम तोड़ दिया। मायके पक्ष ने दहेज में बाइक और सोने की चेन न देने पर गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगाया है।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के पतवन गांव निवासी उमा देवी (23) की कानपुर में प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान 26 जनवरी को मौत हो गई। पति कौशल प्रजापति ने बताया कि 30 दिसंबर को उमा ने बच्चे को जन्म दिया था।
डिलीवरी के कुछ दिन बाद उमा की तबीयत खराब हो गई। बुखार आने से प्लेट्लेट्स भी घट गईं। उमा को जिला अस्पताल और रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में दिखाया। वहां से डॉक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया।
कानपुर में पहले हैलट अस्पताल, फिर प्राइवेट अस्पताल में ले गए। 26 जनवरी को उमा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। शव लेकर गांव आए और पुलिस को सूचना दी।
उधर, मायके पक्ष चिल्ला थाना क्षेत्र के अतरहट गांव निवासी उमा के भाई ब्रजेश ने बताया कि उमा की शादी 11 मार्च 2024 को कौशल के साथ की थी।
शादी के बाद से ससुराली दहेज में बाइक व सोने की चेन की मांग रहे थे। न देने पर उमा की गला दबाकर हत्या की है। मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में शव का पंचनामा भरा गया। बबेरू कोतवाल बलराम सिंह ने बताया कि मायके पक्ष के आरोपों की जांच की जाएगी। (संवाद)