बांदा। हत्या के मामले में दोषी महिला को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट छोटेलाल यादव की अदालत ने मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अन्य धाराओं में सजा सुनाने के साथ ही 10500 रुपये का जुर्माना भी लगाया। महिला के छोटे बेटे को आरोप सिद्ध न होने पर बरी कर दिया गया। जबकि, इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी दोषी महिला का बड़ा पुत्र पुलिस पकड़ में नहीं आया, उसे पुलिस ने फरार घोषित कर दिया है।
गिरवां थाना क्षेत्र के बहेरी गांव निवासी अजय कुमार सिंह ने थाना गिरवां में तहरीर देकर 1 नवंबर 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पिता जयराज सिंह शाम को अपने घर के दरवाजे के समीप बैठे थे। उसी दौरान महिला चुनुवा के कहने पर उसका बड़ा पुत्र रज्जन उर्फ रजनू उर्फ राजेंद्र वहां पहुंचा और तमंचे से जयराज सिंह को गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना का पूरा षड़यंत्र चुनुवा के छोटे लड़के राजेश सिंह ने रचा था। विवेचक प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने तीनों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया, लेकिन इस हत्या में मुख्य आरोपी रज्जन उर्फ रजनू उर्फ राजेंद्र सिंह अभी तक फरार चल रहा है।
मामले की सुनवाई के दौरान चुनुवा व उसके बेटे राजेश सिंह के विरुद्ध आरोप बनाया गया। अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने महिला चुनुवा को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उसके बेटे राजेश सिंह को दोष मुक्त कर दिया।