बांदा। डीजे और स्पेशल मजिस्ट्रेट द्वितीय के स्थानांतरण तक वकीलों का दोनों न्यायालय में कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। प्रति दिन पांच अधिवक्ता सांकेतिक प्रदर्शन के रूप में काली पट्टी बांधकर धरना देंगे। उधर, अपमानजनक टिप्पणी पर महिला अधिवक्ता तीन साल के लिए संघ से निष्कासित कर दी गई है।
जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अशोक दीक्षित की अध्यक्षता में बैठक हुई। उन्होंने बताया कि स्पेशल मजिस्ट्रेट की अभद्र कार्यशैली के विरोध में 30 नवंबर तक सभी न्यायालयों में कार्य बहिष्कार किया गया। बहिष्कार के दौरान डीजे के निर्देश पर किसी भी अदालत ने वकीलों से हाजिरी माफी के प्रार्थना पत्र नहीं लिए। इससे कई वादकारियों के वारंट कट गए। जो बीएनएसएस व दंड प्रक्रिया संहिता की राजाज्ञा का खुला उल्लंघन है।
इसकी शिकायत राष्ट्रपति, पीएम, लोकसभा अध्यक्ष से की जाएगी। कहा कि जब तक जनपद न्यायाधीश व स्पेशल न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की अदालत का कार्य बहिष्कार जारी रहेगा, तब तक प्रति दिन पांच सत्याग्रही विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर धरने में बैठेंगे। कहा कि अधिवक्ता लक्ष्मी त्रिपाठी ने एक्स पर वकीलों को डेंगू जैसे अपमानजनक शब्द से संबोधित किया है। उन्हें तीन साल के लिए जिला अधिवक्ता संघ की सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। वकीलों ने इस पर सहमति जताई। मौके पर महामंत्री राम प्रकाश शिवहरे, पूर्व बार संघ अध्यक्ष शंकर सिंह, रामस्वरूप सिंह, कालका प्रसाद आदि मौजूद रहे।