पहाड़ों पर बर्फवारी से इस साल अधिकतम तापमान ने चार सालों का रिकार्ड तोड़ दिया। दिन में धूप के बावजूद गलन महसूस हो रही है। दोपहर में खिली मंद धूप कोई खास असर नहीं दिखा सकी। शाम होते ही गलन में फिर इजाफा हो गया।
बारिश के बाद ठंड कम होने का नाम नहीं ले रही है। सर्दी का सितम और बढ़ गया है। दिन में गलन में जबरदस्त इजाफा हुआ है। बच्चे सुबह घने कोहरे के बीच स्कूल पहुंचे।
केंद्रीय जल आयोग की मानें तो अधिकतम 19 डिग्री सेल्सियस तापमान पिछले चार वर्षों में सबसे कम है। वर्ष 2013 में अधिकतम 24, वर्ष 2012 में 25.5 और वर्ष 2011 में अधिकतम 20 डिग्री तापमान 17 दिसंबर तक रहा है।
इस साल दिसंबर की शुरुआत न्यूनतम तापमान 14 डिग्री से हुई थी। 14 दिसंबर को यह 8 डिग्री तक नीचे गिर गया। 15 से खिली धूप निकली तो रात के पारे में कुछ सुधार हुआ। यह दो दिन से 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है।
सुबह घने कोहरे से शुरुआत हो रही है। स्कूली बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल जा रहे हैं। बुधार को 10 बजे के बाद आसमान साफ हुआ और मंद धूप निकल आई। लोगों ने ठंड से भारी राहत महसूस की। खिली धूप में क्लासें चलीं।