अयोध्या में निर्माणाधीन श्रीराम मंदिर की भूमि खरीद को लेकर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर आरएसएस की राष्ट्रीय चिंतन बैठक में चर्चा हुई। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा मुद्दा है। मामूली मसला नहीं है। संघ प्रमुख ने जन्मभूमि ट्रस्ट महामंत्री चंपतराय से इस मुद्दे सहित मंदिर निर्माण पर लगभग एक घंटे बात की।
कहा कि मंदिर निर्माण से जुड़ा हरेक कार्य पारदर्शी होना चाहिए। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा मंदिर निर्माण का हरेक कार्य पारदर्शी हो। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अयोध्या मंदिर निर्माण मुद्दे पर देश के अन्य धार्मिक स्थलों पर जाकर वहां के साधु-संतों की राय ली जाएगी। साथ ही उन्हें अयोध्या आने का निमंत्रण दिया जाएगा। बैठक में उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव और राष्ट्र की मजबूती के लिए भी महामंथन किया गया। कहा कि विपक्षी पार्टियों की निगाहें हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में यह भी चर्चा हुई कि यूपी में पिछले विधानसभा चुनाव में अपनाई गई रणनीति पर ही अगला चुनाव भी लड़कर फतेह हासिल की जाए।
इस मुद्दे पर बैठक में अगले दिनों में और विस्तार से चर्चा हो सकती है। बैठक में जिन अन्य मुद्दों पर मंथन हुआ उनमें राष्ट्र की मजबूती, हरेक व्यक्ति के स्वस्थ रहने, गांवों में संघ की शाखाएं शुरू करने, युवा कार्यकर्ताओं को जोड़ने, कोरोना काल से देश को उबारने आदि के मुद्दे शामिल रहे। उधर, आरएसएस की राष्ट्रीय चिंतन बैठक से प्रमुख राजनीतिक दल चिंतित हैं। बैठक स्थल के आसपास इन दलों के दूत गुपचुप ढंग से मौजूद रहकर बैठक में होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं, लेकिन संघ की अभेद्य व्यवस्था में अभी तक विपक्षी दलों की सेंध नहीं लग पा रही है।
कार्यकर्ताओं को राम से प्रेरणा लेने की प्रेरणा
चित्रकूट। भगवान श्रीराम की तपोभूमि में हो रही बैठक में संघ अपने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को श्रीराम से प्रेरणा लेने को प्रेरित कर रहा है। कहा जा रहा कि श्रीराम राष्ट्र हित में वनवास में रहे। उन्होंने यह कार्य मानव सेवा के लिए किया था। जंगलों में रहकर मानव सेवा की। ऋषियों को सताने वाले रक्षकों का विनाश किया। संघ कार्यकर्ता भी उनसे प्रेरणा लें और कोविड-19 से बचाव में लोगों की मदद करें। (संवाद)
ज्वलंत मुद्दों पर फीडबैक
आरएसएस की राष्ट्रीय चिंतन बैठक के पहले दिन क्षेत्रीय प्रचारकों के साथ संघ प्रमुख डा. मोहन भागवत ने बैठक में देश के ज्वलंत मुद्दों पर फीडबैक लिया। धर्मांतरण, गोहत्या और जनसंख्या नियंत्रण जैसे मामलों पर गंभीरता से काम करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा केंद्र व यूपी सरकार की छवि को बचाने के लिए काम करने का मसौदा तैयार करने को कहा है।
जिस पर इस बैठक के अंतिम दिन मुहर लगेगी। शुक्रवार को दूसरे सत्र में संघ प्रमुख ने क्षेत्रीय प्रचारकों के साथ लगभग दो घंटे तक बातचीत की। इस दौरान देश में कोरोना का डैमेज कंट्रोल सरकार की छवि बचाने में करने की बातचीत हुई।धर्मांतरण, गोहत्या और जनसंख्या नियंत्रण कानून को कड़ाई से लागू कराने के लिए सरकारों पर दबाव बनाने पर चर्चा हुई। क्षेत्रीय प्रचारकों से उनके क्षेत्र का फीड बैक लेकर योजना बनाने को कहा गया है। 12 जुलाई को 45 प्रांत प्रचारकों और 13 जुलाई को संगठन मंत्रियों से वार्ता की जाएगी।
मदनदास के सामने चंपत राय ने दी सफाई
दो दिनों से चित्रकूट में श्रीराम जन्मभूमि न्यास के महासचिव चंपत राय की मौजूदगी और आरएसएस की राष्ट्रीय चिंतन बैठक में आए संघ प्रमुख समेत अन्य पदाधिकारियों से कई चरणों में बातचीत को लेकर कई तरह के सवाल उठे हैं। बताया जा रहा कि संघ अयोध्या में भूमि खरीद में भ्रष्टाचार के आरोपों पर गंभीर होकर चंपत राय से सवाल जवाब कर रहा है। यहां तक दावा किया गया कि शुक्रवार को संघ की बैठक के पूर्व उन्होंने संघ के मदनदास देवी के सामने पूरा मामला बताया है। (संवाद)