बांदा। पति की हत्या कर उसका शव छिपाने के मामले में पत्नी और उसके प्रेमी को दोष सिद्ध होने पर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रपाल द्वितीय की अदालत ने आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अन्य धाराओं में सजा व 14 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। घटना के समय से ही दोनों दोषी जेल में निरुद्ध हैं।
देहात कोतवाली के भज्जू का पुरवा निवासी जगजीवन ने 26 अप्रैल 2019 काे रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सुबह वह घर में था, तभी पता चला कि बाईपास सड़क पर उसके भाई अंगद प्रसाद का शव पड़ा है। भाई अंगद रात तीन बजे पत्नी सुनीता के साथ हंसिया लेकर कल्लू यादव के खेत की फसल काटने गया था। भाई अंगद की हत्या पत्नी सुनीता और उसके साथी ने की है।
हत्या को दुर्घटना दिखाने के इरादे से सड़क पर शव फेंक दिया है। पुलिस ने पत्नी सुनीता व अज्ञात व्यक्ति के नाम रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। विवेचक रामआसरे यादव ने पत्नी सुनीता और उसके प्रेमी प्रेमबाबू निवासी मनीपुर थाना गिरवां को गिरफ्तार कर लिया। सुनीता के पास से मोबाइल फोन बरामद किया। मोबाइल में प्रेमी प्रेमबाबू और सुनीता की आपत्तिजनक फोटो प्राप्त कर आरोप पत्र दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से मामले में वादी भाई जगजीवन, रामशरन, कांस्टेबल दुर्गा परिहार, मृतक का भाई भारत, गुरहे का चौकीदार जुगुलकिशोर गुरेह, डाॅ. मो.अनवर, प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार, विवेचक रामआसरे यादव और निरीक्षक प्रभारी तारा सिंह पटेल समेत 10 गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने दोनों दोषियों को सजा सुनाई।