अतर्रा/बबेरू। करीब एक माह की भागदौड़ के बाद सोमवार को मतदान निपटा तो मंगलवार की सुबह प्रत्याशियों के चेहरों पर थकान साफ दिखाई दे रही थी। देर सोने के कारण मंगलवार की सुबह भी देर से हुई, लेकिन जब हुई तो कहीं जाना-आना नहीं था। लिहाजा प्रत्याशियों ने सुबह का ज्यादा वक्त अखबार पढ़ा और परिवार के लोगों के साथ बैठकर बातचीत की। स्नान के पश्चात पूजा पाठ से दिन के कामों की शुरूआत की। सबसे पहले सभी समाचार पत्र पढ़े, तब तक समर्थक भी दरवाजे आ चुके थे। लिहाजा दोपहर तक सभी ने घरों पर ही बैठकर साथियों संग जीत के आंकड़े जुटाए। आलम यह रहा कि मतदान के दूसरे दिन सभी अपनी अपनी जीत के दावे करते रहे और ऐसे ही सुबह से दोपहर और फिर शाम हो गई।
- मां का लिया आशीर्वाद, फिर शुरु की चुनावी चर्चा
पूरे चुनाव के समय मात्र तीन से चार घंटे की नींद लेने वाले बसपा प्रत्याशी मयंक द्विवेदी मतदान के अगले दिन मंगलवार को सुबह नौ बजकर 30 मिनट में जगे। बताया कि बीती रात को वह मतदान के बाद क्षेत्र में पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद मंगलवार तड़के तीन बजे सोने चले गए। सुबह 9:30 बजे जगे और सबसे पहले अपने माता आशा द्विवेदी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। घर में पहले से मौजूद मिलने वालों के लिए चाय बनवाई और फिर एक-एक कर सभी समाचार पत्र पढ़कर जीत का गुणाभाग शुरू किया। कहां से कितने वोट मिले और कहां से समर्थक गच्चा दे गए, सभी पर चर्चा की गई। इसके अलावा कहां पर विरोधी भारी पड़ा और वहां क्या कमी रह गई। इन सब पर विचार विमर्श किया।
तुलसी की पूजा करने के बाद की जीत की चर्चा
बबेरू। सपा लोकसभा प्रत्याशी कृष्णा पटेल ने बताया कि रात दो बजे स्ट्रांग रूम में ईवीएम जमा होने के बाद घर पहुंची। इसके बाद रात में खाना खाया खाना और सो गईं। सुबह छह बजे नींद खुली और आए समर्थकों से मुलाकात की। बाद में नहाने के बाद पहले तुलसी माता जल चढ़ाया फिर घर में बने शिव मंदिर पर पूजा पाठ कर समर्थकों से मिलीं। अखबार में छपी खबरों से क्षेत्र से आए समर्थकों ने अपने-अपने बूथों की जानकारियां प्रत्याशी से साझा की। कृष्णा पटेल ने अधिक से अधिक मतदान करने पर मतदाताओं को शुभकामना दी।