बांदा में लॉकडाउन के चलते पश्चिम बंगाल से 5.50 लाख बोरों की खेप न आने से खरीद केंद्रों में गेहूं की खरीद ठप हो गई है। खाद्य विपणन विभाग अब राशन की दुकानों में खाली बारों की तलाश कर रहा है।
जिले में इस वर्ष 69,800 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जाना है। इसके लिए क्रय केंद्रों को आठ लाख बोरों की जरूरत है। बोरे पश्चिम बंगाल से मंगाए जाते हैं। इस वर्ष लॉकडाउन के चलते सिर्फ 2.50 लाख बोरे ही आए हैं। गेहूं खरीद में आई तेजी के बाद खरीद केंद्रों में खाली बोरियां खत्म हो जाने से खरीद ठप हो गई है।
बताया जाता है कि पश्चिम बंगाल खाद्य विभाग को 10 रुपये प्रति बोरे के हिसाब से आपूर्ति करता है, जबकि खाली बोरों को यहां कोटेदार आम लोगों को 15 से 20 रुपये में बेचते हैं। कीमत कम मिलने से कोटेदार खाद्य विभाग को बोरे देने में आनाकानी कर रहे हैं।
शनिवार को जिला विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय व जिला पूर्ति अधिकारी राजीव तिवारी ने कई तहसील क्षेत्रों में भ्रमण कर पूर्ति निरीक्षकों को राशन की दुकानों से खाली बोरे जुटाने को कहा। हालांकि जिला विपणन अधिकारी दावा कर रहे हैं कि 18 मई तक के लिए हमारे पास बोरे उपलब्ध हैं।