बांदा। 30 मार्च से गेहूं की खरीद की जाएगी। प्रक्रिया में बायोमीट्रिक पहचान को अनिवार्य कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत, किसान अपनी फसल बेचने के लिए अपनी ई-पॉस मशीन और आइरिस स्कैन के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करेंगे।
जिला विपणन अधिकारी रामानंद के अनुसार मुख्यमंत्री के आदेशानुसार गेहूं की खरीद समर्थन मूल्य पर 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। यह वृद्धि किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने और उनकी उपज का उचित लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
किसानों को सुविधा प्रदान करने के लिए, खरीद प्रक्रिया के दौरान उतराई, छनाई और सफाई के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त भुगतान भी किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि किसानों को अपनी उपज को बेचने के लिए अतिरिक्त लागत का बोझ न उठाना पड़े। जिलाधिकारी ने खाद्य विभाग, यूपीएसएस और पीसीएफ के 50 क्रय केंद्रों को अनुमोदित किया है। एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय पर क्रय केंद्रों को खोलें, समर्थन मूल्य से संबंधित बैनर लगाएं और किसानों के बैठने के लिए छाया तथा पीने के पानी जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
भुगतान और सत्यापन की प्रक्रिया
किसानों को उनकी उपज का भुगतान 48 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा। जिससे नकदी की समस्या का समाधान होगा। 100 क्विंटल तक की गेहूं बिक्री के लिए तत्काल सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि बाद में इसका सत्यापन किया जाएगा। 100 क्विंटल से अधिक की बिक्री के लिए पंजीकरण ही पर्याप्त होगा। इलेक्ट्रॉनिक कांटों से तौल की जाएगी, और किसान की ई-पॉस मशीन व आइरिस स्कैन के आधार पर पहचान सुनिश्चित की जाएगी। यह कदम फर्जीवाड़े को रोकने और वास्तविक किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए उठाया गया है।