बांदा। जनपद में रविवार को भोर चार बजे अचानक मौसम बदला और 70 किलोमीटर की गति से तेज हवा चली। कुछ ही देर में तेज बरसा भी शुरू हो गई। खड़ी फसल भी गिर गई। तेज हवाओं से कई जगह पेड़ टूटकर गिर पड़े। इससे आवागमन बाधित हो गया। वहीं कई जगह पोल उखड़ गए। इससे बिजली व्यवस्था भी पटरी से उतर गई।
तिंदवारी प्रतिनिधि के मुताबिक खेतों में पड़ी कटी पड़ी पूरी फसल पानी में भीग गई। कमासिन प्रतिनिधि के मुताबिक कटी फसल के साथ छानी छप्पर भी उड़ गए। उधर, समगरा से कमासिन आने वाली 33 हजार की हाई टेंशन लाइन की तार टूट जाने से विद्युत आपूर्ति पूर्णतया ठप हो गई। पैलानी प्रतिनिधि के मुताबिक खप्टिहाकला, साड़ी, खरेई, रेंहुटा ,अलोना, अमलोर ,निवाईच, अतरहट आदि गांवों में जोरदार बारिश हुई, जिससे खेतों में रखी फसल गीली हो गई। रात में छोटे-छोटे ओले गिरने से किसान के माथे पर चिंता की लकीर खींच गई हैं। खप्टिहाकला के किसान सुंदर यादव, रामबाबू, राजू सिंह सुनील सिंह लाला ने बताया कि बारिश के चलते फसल बर्बाद हुई है। खत्रीपहाड़ प्रतिनिधि के मुताबिक आंधी और बारिश ने किसानों के लिए आफत खड़ी कर दी है।
बिजली गिरने से दो ट्रांसफार्मर फुंके, 12 घंटे ठप रही आपूर्ति
अतर्रा। अतर्रा सहित फतेहगंज, बिसंडा, ओरन, और ग्रामीण इलाकों में आई तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने से 10 से 12 घंटे सप्लाई बाधित रही। पावर हाउस में ट्रॉली में रखा 400 केवीए और जमीन में रखा 250 केवीए का ट्रांसफार्मरबिजली गिरने से फुंक गया। अतर्रा सहित सभी जुड़े क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। वहीं 125 से ज्यादा विद्युत पोल गिर गए, तार, इंसुलेटर, क्रॉस आर्म टूट गए। कस्बे और देहात दोनों क्षेत्रों की बिजली 10 से 12 घंटे तक बाधित रही, जिससे जलापूर्ति भी रुक गई और लोगों की दिनचर्या पर असर पड़ा।