बांदा। मौसम ने एक बार फिर करवट बदली और आंधी व बूंदाबाजी हुई। इससे किसानों की धडक़नें बढ़ गईं। 10 से 15 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलीं। तापमान में भी खासी गिरावट आई है।
पिछले दस दिनों से तापमान बढऩे से खेतों में खड़ी फसल पकने लगी थी। बुधवार की शाम अचानक मौसम ने करवट बदली। तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हुई। ऐसे में किसान खासे परेशान हो गए। जिन किसानों के खेतों कटी फसलें रखी थीं, वह उड़ गई। आंधी के बाद घंटों किसान फसलों को एकत्र करते रहे।
किसानों का कहना है कि भला रहा कि बारिश व ओलावृष्टि नहीं हुई। पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि व बारिश से बची खुची फसल भी नष्ट हो जाती। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक दिनेश शाहा का कहना है कि अभी दो दिनों तक मौसम का मिजाज यूही रहेंगा। तेज हवाएं व बारिश हो सकती है। बुधवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री रहा। जिसमें शाम को पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। संवाद