Water Satyagraha in Cane River against illegal mining
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बांदा। खप्टिहा कलां खदान में अवैध खनन और किसानों की भूमि से जबरन निकाली जा रही बालू तथा ठेकेदारों और माफिया सिंडीकेट की दबंगई के विरोध में महिला-पुरुष किसानों ने सोमवार को खदान के पास केन नदी में जल सत्याग्रह किया। पानी में देर तक खुद को रखकर माफियाओं और प्रशासन के विरुद्ध नारे लगाए। आरोप लगाया कि माफिया किसानों को धौंस धमकी दे रहे हैं।
सोमवार को दर्जनों महिला पुरुषों ने नदी की जलधारा में बैठकर जल सत्याग्रह शुरू किया। कुछ ही देर बाद पहुंची पुलिस की मौजूदगी भी यह आंदोलन चला। दोपहर को एसडीएम रामकुमार और पुलिस क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे। किसानों से बातचीत की। नोकझोंक भी हुई। किसानों ने आरोप लगाया कि बालू खदानों के गुर्गे महिला किसानों से अश्लीलता कर रहे हैं।
आंदोलन की अगुवा ऊषा निषाद आदि ने एसडीएम को इस बाबत ज्ञापन भी सौंपा। इस पर एसडीएम ने पैलानी क्षेत्राधिकारी और तहसीलदार तथा जिला खनिज अधिकारी को पत्र जारी कर ऊषा निषाद और अन्य किसानों की शिकायत का हवाला देकर कहा कि खप्टिहा कलां में आरुषि ट्रेडर्स व सांई चरन इंफ्राट्रेक टेडर्स ग्राम सभा की भूमि पर अवैध खनन किए हैं।
एसडीएम ने शिकायती पत्र को उक्त अधिकारियों को सौंपते हुए कहा कि इसमें लिखित बिंदुओं पर जांच कराकर तत्काल निस्तारण कराएं और कार्रवाई से अवगत कराएं। ज्ञापन देने वालों में किसानों महेश्वरी गौतम, सुमन, संपत, रामदेवी, गुलबिया, रेखा, आदि भी शामिल रहीं।