बांदा। मंडल मुख्यालय बांदा शहर में कोरोना संक्रमण हॉटस्पॉट सहित अधिकांश इलाकों में पेयजल का भीषण संकट है। आधा दर्जन से अधिक मोहल्ले एक पखवारे से पानी के लिए तरस रहे हैं। हॉटस्पॉट इलाकों में पानी को परेशान लोग लॉकडाउन का उल्लंघन कर मजबूरन हैंडपंप या कुएं पहुंच रहे हैं। हालांकि उन्हें पुलिस की बदसलूकी का शिकार होना पड़ रहा है। समूचा प्रशासन के अफसरों की सारी तवज्जो सिर्फ लॉकडाउन में है।
शहर में पेयजल संकट की शुरुआत पिछले महीने शुरू हो गई थी। शहर के अलीगंज में रफीक नर्सिंग होम के नजदीक पुराना कुआं ढह जाने से इस कुएं से पूरे इलाके को पाइप लाइन के जरिए हो रही जलापूर्ति ठप हो गई। कुएं की धसान लगातार बढ़ते जाने से आसपास के घरों को खतरा पैदा हो गया। ऐसे में प्रशासन ने आनन-फानन कुएं में मौरंग आदि भरवाकर इसे पटवा दिया है। जलापूर्ति बंद हो गई है। जल संस्थान यहां इक्का-दुक्का टैंकर भेज रहा है जो नाकाफी हैं। जलापूर्ति के लिए यहां नई पाइप लाइन डाली जा रही है, लेकिन यह काम बेहद सुस्त रफ्तार से चल रहा है।
गुलाब बाग, खाईंपार, सेठ का बाड़ा आदि इलाकों में हाहाकार है। जल संस्थान अवर अभियंता पवन कुमार का कहना है कि पाइप लाइन से जलापूर्ति शुरू करने में अभी दो दिन और लगेंगे।
उधर, हॉटस्पॉट गुलरनाका, छिपटहरी, कलामतपुरा, मर्दन नाका (आंशिक), निम्नीपार आदि इलाकों में भी पानी के लाले हैं। यहां पेयजल संकट के लिए बिजली आपूर्ति ठप होना बताया जा रहा है। कई दिनों से लगातार चलने वाली तेज हवा या आंधी से जल संस्थान के पेयजल फीडरों की लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पावर कार्पोरेशन इन्हें पूरी तरह अब तक दुरुस्त नहीं कर पाया। नतीजे में लॉकडाउन में घरों में कैद लोग पानी को परेशान हैं।
कुछ लोग मजबूरन घरों से निकलकर हाथ के ठेलों, साइकिलों आदि में दूर से हैंडपंपों व कुओं से पानी धो रहे हैं। क्योटरा, कटरा, बलखंडी नाका, खाईंपार, कालूकुआं, धीरज नगर, बिजली खेड़ा, आवास विकास, ईदगाह रोड, हुसैनगंज, आजाद नगर आदि इलाकों में भी पानी का संकट है।