शहर के न्यू मार्केट इलाके में टैंकर में पानी के लिए मची मारामारी।
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चुनाव प्रचार चरम पर पहुंचने के साथ ही मंडल मुख्यालय बांदा शहर पेयजल संकट से गिर गया है। अधिकांश इलाकों में पानी के लाले पड़े हैं। जल संस्थान अभियंताओं ने विभाग की तंगहाली का हवाला देकर फोन बंद कर रखे हैं। मचे हाहाकार के बीच गुरुवार को डीएम हीरा लाल ने जल संस्थान अधिशासी अभियंता वीरेंद्र श्रीवास्तव को जमकर लताड़ लगाई। अन्य अभियंताओं को भी चेतावनी दी।
अधिशासी अभियंता का कहना है कि नदी की जल धारा टूट जाने से मर्दन नाका, अलीगंज, जरैली कोठी, सिविल लाइन, हरदौली घाट, आदि में पानी नहीं पहुंच रहा है। दूसरी तरफ जलकल अभियंता (एई) श्यामराज का कहना है कि भूरागढ़ इंटेकवेल का पंप खराब हो जाने से आपूर्ति बाधित हुई है।
एक्सईएन और एई के जवाब विरोधाभासी हैं। उधर, शहर के कुंजरहटी, छिपटहरी, मर्दन नाका, छावनी, गूलरनाका, बलखंडी नाका, कालवनगंज, न्यू मार्केट में भी पानी के लाले हैं। यहां इक्का-दुक्का पहुंच रहे टैंकरों पर मारामारी के हालात खड़े हो रहे हैं। डीएम ने अधिशासी अभियंता को तलब कर चेतावनी दी कि वह और उनके सभी एई व जेई अच्छी तरह जान लें कि जलापूर्ति बाधित हुई और लोग परेशान हुए तो उनकी खैर नहीं।