फोटो - 09 दक्षिण पन्ना क्षेत्र में पेड़ पर बैठे गिद्ध। स्त्रोत : वन विभाग
करतल। दक्षिण पन्ना वनमंडल में आयोजित ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना 2026 ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी और उत्साहजनक सफलता दर्ज की है। तीन दिवसीय इस गणना के दौरान औसतन 836 गिद्ध देखे गए। जो पिछले कई दशकों में गर्मियों के मौसम में दर्ज की गई सबसे बड़ी संख्या है।
अप्रैल 2025 में हुई गणना में 575 गिद्ध दर्ज किए गए थे। इस वर्ष के 836 के औसत आंकड़े में उल्लेखनीय वृद्धि, लगभग 45 फीसदी की बढ़ोतरी, गिद्धों की आबादी में एक सकारात्मक रुझान को दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि आमतौर पर मार्च और अप्रैल के महीने में प्रवासी गिद्ध प्रजातियां अपने मूल ठिकानों की ओर लौट जाती हैं। जिससे गर्मियों में उनकी संख्या काफी कम हो जाती है। ऐसी प्रतिकूल परिस्थितियों में भी दक्षिण पन्ना में इतनी बड़ी तादाद में गिद्धों का पाया जाना इस क्षेत्र में उनके लिए सुरक्षित प्राकृतिक आवास और पर्याप्त भोजन की उपलब्धता का स्पष्ट संकेत है।
विभाग द्वारा चलाए गए वल्चर फ्रेंडली गोशाला सर्टिफिकेशन अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों, पशु चिकित्सालयों और गोशालाओं में लोगों को गिद्धों के संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान गिद्धों के जीवन के लिए अत्यंत घातक मानी जाने वाली दवाओं के उपयोग को रोकने और उनके सुरक्षित विकल्पों को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।
इस वर्ष की गणना को अधिक आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने के लिए पहली बार एक विशेष मोबाइल ऐप का उपयोग किया गया। डिजिटल माध्यम से डेटा दर्ज होने के कारण गिद्धों की संख्या, उनकी प्रजातियों के वितरण और आवास क्षेत्रों की मॉनिटरिंग को अधिक व्यवस्थित और सटीक बनाया जा सका है। इस तकनीक ने डेटा संग्रह और विश्लेषण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया है।
दिन गिद्धों की संख्या
पहला 869
दूसरा 847
तीसरा 792
औसत 836
दर्ज की गई गिद्ध प्रजातियां
देसी गिद्ध
सफेद गिद्ध
व्हाइट-रम्प्ड गिद्ध
रेड-हेडेड गिद्ध
इनमें देसी और सफेद गिद्धों की संख्या सबसे अधिक रही, जो इस क्षेत्र में इन प्रजातियों की मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है।