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Banda News: पूरे परिवार को जिंदा जला देने की थी विश्वनाथ की मंशा

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भिडौरा गांव में जिंदा जल गए पिता पुत्र। - फोटो : फोटो फाइल
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बांदा। तिंदवारी थाना क्षेत्र के भिडौरा गांव में हुए पिता-पुत्र को जिंदा फूंकने की घटना में विश्वनाथ प्रताप सिंह उर्फ वीपी सिंह की मंशा पूरे परिवार को जिंदा जला देने की थी। इस बात का खुलासा कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती झुलसे रामखिलावन (60) (मृतक) ने पुलिस को अपने मृत्यु पूर्व बयान में बताई थी। बंटवारे में विश्वनाथ को छह बीघा खेत आदि मिला था। उसकी नीयत पूरी जायदाद पर थी। उसके बाद इलाज के दौरान रामखिलावन की मौत चार अक्टूबर 2017 में हो गई थी, जबकि उसके बेटे उदय प्रताप (18) की मौत 10 अक्टूबर 2017 को हुई थी।
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तिंदवारी के भिडौरा गांव की रहने वाली पूनम (50) ने तिंंदवारी थाने में 29 सितंबर 2017 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके सौतेले पुत्र विश्वनाथ सिंह उर्फ वीपी ने सुबह लगभग आठ बजे जब पूनम और उसका पति रामखिलावन व सगे पुत्र उदयप्रताप व शिवप्रताप तथा पूनम का भाई जबलपुर के हनुमानतारा गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह घर में थे। सभी लोग आंगन में बैठे बातचीत कर रहे थे। इतने में वीपी सिंह गालियां देते हुए आंगन में घुस आया और पूनम के बाल पकड़कर घसीटने लगा। उसके पति व भाई ने किसी प्रकार से वीपी सिंह से छुटवाया तो वह अपने घर की तरफ भागा और कहा कि मैं तुम्हे अभी तमाशा दिखाता हूं। इतने में पुत्र उदय प्रताप सिंह व पति रामखिलावन सिंह आंगन के बाहर की तरफ निकलने लगे कि वीपी सिंह ने प्लास्टिक के बड़े मग में पेट्रोल लिए आया और दूसरे हाथ से दोनों पर पेट्रोल फेंक दिया और लाइटर से आग लगा दी। पति व उसका लड़का आग से जलने लगे। गंभीर होने के कारण पुलिस को बुलाया और एंबुलेंस में स्वास्थ्य केंद्र तिंदवारी में ले गए। वहां से उन्हें सदर अस्पताल लाए। प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल से दोनो को कानपुर रेफर कर दिया गया था। पति रामखिलावन की मौत चार अक्टूबर 2017 में हैलेट अस्पताल में हो गई थी। जबकि रीजेंसी हास्पिटल में उदय प्रताप की मौत 10 अक्टूबर 2017 को हो गई थी।

उस समय विवेचना करने गईं तत्कालीन इंस्पेक्टर प्रतिमा सिंह ने अस्पताल में भर्ती रामखिलावन के बयान दर्ज किए थे। अपने बयान में रामखिलावन ने बताया था कि विश्वनाथ सिंह की मंशा पूरे परिवार को जिंदा जलाने की थी। पिता रामखिलावन ने यह भी बताया था कि जमीन-जायदाद की लालच में विश्वनाथ ने यह घटना अंजाम दी थी। इसके पूर्व भी कई बार विश्वनाथ अपनी सौतेली मां पूनम पर हमला कर चुका था।
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उधर, दूसरे भाई शिवप्रताप ने बताया था कि विश्वनाथ को सौतेली मां और ननिहाल के लोग पसंद नहीं थे। शुक्रवार को मामा धर्मेंद्र जबलपुर से आए हुए थे। तभी उसने हंगामा शुरू कर दिया था।

पांच दिन पहले ही ले आया था पेट्रोल
बांदा। पिता और भाई को फूंकने के लिए विश्वनाथ ने शायद हफ्तेभर पहले ही योजना तैयार कर ली थी। पांच लीटर पेट्रोल लाकर रख लिया था। पिता रामखिलावन ने बताया था कि पांच दिन पूर्व उसने पत्नी को लेने जाने की बात कहकर बाइक मांगी थी। तभी पेट्रोल लाकर घर में रख लिया था। दो दिन पूर्व विश्वनाथ की पत्नी नंदनी फिर मायके चली गई। विश्वनाथ परदेस में मजदूरी करता था। बंटवारे में उसे छह बीघा खेत आदि मिला था। लेकिन उसकी नीयत पूरी जायदाद पर थी।
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