बांदा। कार्तिक पूर्णिमा बुधवार को होगी। यह कृतिका नक्षत्र व सिद्ध योग में है। इस दिन भगवान विष्णु के समक्ष घी के पांच या 11 दीपक जलाकर मंगलकामना करें। इससे सुख-समृद्वि मिलेगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित उमाकांत त्रिवेदी ने बताया कि बुधवार को पड़ रही कार्तिक पूर्णिमा अति शुभ रहेगी। पूजा करने वाले भक्त भगवान विष्णु को हल्दी, पीले फूल, पीले वस्त्र अवश्य चढ़ाएं। विधि विधान से तुलसी का विवाह करें। गृहस्थजनों को घर में तुलसी के पौधे को खीर पूड़ी का भोग लगाकर सुहाग के सामान और लाल चुनरी चढ़ानी चाहिए। कार्तिक पूर्णिमा के दिन व्रत रखने वाले भक्त अन्न व नमक न ग्रहण करें।
व्रत पारण करने से पहले चंद्रमा के दर्शन करें। ऐसा करने से लाभ की प्राप्ति होगी। मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही भगवान शिव और विष्णु ने त्रिपुर राक्षस का वध किया था। इस दिन गंगा स्नान और दूध से बनी मिठाई व दही दान कर चंद्रमा के दर्शन करना शुभ होता है। जो लोग मन की चंचलता या मानसिक बीमारी से ग्रस्त हैं वह घी के 11 दीपक गंगा में प्रवाहित करें। सोना, चांदी, मणि व गाय का मक्खन और गेहूं का आटा या पीठी से कृतिकाओं की छह प्रतिमाएं बनाकर रखें। फिर उनकी स्थापना व प्रतिष्ठा करें। धूप व दीप से विधिवत पूजन करें। इससे मनुष्यों को मोक्ष मिलता है।