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इंदिरा आवास में अवैध उगाही के खिलाफ ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में डाला डेरा

Wed, 25 Feb 2015 11:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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इंदिरा आवासों में अवैध उगाही के विरोध में नरैनी क्षेत्र के लगभग 20 गांवों के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने बुधवार को प्रदर्शन के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में ‘डेरा डालो-घेरा डालो’ आंदोलन शुरू कर दिया। आरोप लगाया है 15-15 हजार रुपये वसूले गए हैं। आरोप लगाने वाले सभी अनुसूचित जाति के हैं।
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चिंगारी संगठन के बैनर तले ग्रामीण विरोध प्रदर्शन करते हुए दोपहर को कलेक्ट्रेट आए। कुछ महिलाएं साथ में ढोलक और मजीरा लाई थीं। डीएम कार्यालय के सामने डेरा डालकर ग्रामीणों ने शपथ पूर्वक आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान पति ने इंदिरा आवास आवंटन के नाम पर उनसे 15-15 हजार रुपये वसूले हैं। इसके बाद भी 50 फीसदी से ज्यादा आवास अर्द्ध निर्मित (अधूरे) हैं। आवास के अभाव में कई परिवार पलायन कर गए।

यह भी आरोप लगाया कि कई पात्रों को दरकिनार कर अपात्राें को आवास आवंटित कर दिया गया। कई आवासों में दूसरी किश्त नहीं दी गई। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में नरैनी क्षेत्र की सभी 77 ग्राम पंचायतों में आवास आवंटन की जांच कराने और अवैध वसूली गई रकम वापस दिलाने की मांग की गई।
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इसके अलावा ज्ञापन में पट्टे की भूमि में दो दशकों बाद भी कब्जे न मिलने आदि सहित 10 मांगे शामिल हैं। खास बात यह है कि इन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वह 25 मार्च को पैदल लखनऊ कूच करके मुख्यमंत्री आवास के सामने सत्यागृह शुरू करेंगे।

प्रदर्शन और ज्ञापन के इस अवसर पर विद्याधाम समिति के राजाभइया सहित राधेश्याम, नर्वदा प्रसाद त्रिपाठी, माया सोनी, भगवानदीन सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल रहे। उधर, देर शाम डेरा डाले ग्रामीणों को सिटी मजिस्ट्रेट ने धौंस धमकी देकर धरना खत्म करने को कहा। पुलिस ने डंडा चलाने की चेतावनी दी तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

राजाभइया के नेतृत्व में महिला-पुरुष धरने पर डटे रहे। बाद में प्रशासन पिघला और देर रात एडीएम दयाशंकर पांडेय और सीडीओ श्रीकृष्ण त्रिपाठी धरना स्थल आए और धरना दिए ग्रामीणों और उनके नेताओं को लिखित आश्वासन दिया कि उनकी शिकायत और मांगों पर 15 दिन में कार्रवाई की जाएगी।
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इसी आश्वासन पर ग्रामीणों का धरना खत्म हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि वादे के मुताबिक शासन ने कार्रवाई नहीं की तो 15 दिन बाद फिर आंदोलन होगा।
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