मटौंध। घर से निकले प्रवासी मजदूर युवक की मंशा भांप कर मंगलवार को उसका पीछा कर रहे परिजन जब थोड़ी दूर पर थे, तभी युवक ने ट्रेन के आगे छलांग लगा कर जान दे दी। परिजन अपने सामने उसको ट्रेन के आगे कूदते देखते रह गए, लेकिन कुछ कर नहीं सके। प्रवासी मजदूर युवक के आत्महत्या के पीछे प्रेम प्रसंग की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मरने वाला युवक अविवाहित था और गुजरात प्रांत में मजदूरी करता था। गुजरात में लाकडाउन लगने के दौरान वापस गांव लौटा था। थाना क्षेत्र के हरिजन थोक का रहने वाले घनश्याम प्रजापति का बेटा धीरेंद्र उर्फ धीरू (22) मंगलवार को सुबह घर से निकल गया। किसी अनहोनी की आशंका से परिजन उसके पीछे-पीछे चल दिए। धीरू सीधे रेलवे स्टेशन आउटर के पास पहुंचा और इसी बीच वहां से गुजर रही मालगाड़ी के आगे खड़ा हो गया। तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आकर धीरू के शरीर कई टुकड़े होकर इधर-उधर बिखर गए। परिजन चंद कदम की दूरी पर चिल्लाते रह गए।
पिता ने बताया कि धीरू ने हाईस्कूल तक पढ़ाई की थी और गुजरात के सूरत में मजदूरी करता था। लॉकडाउन में वापस गांव आया था। यह भी बताया कि पिछले एक सप्ताह से वह काफी निराश था और अक्सर मरने की बात करता था। अनहोनी की आशंका से घरवाले उस पर नजर रख रहे थे। थाने के एसआई आशीष पटैरिया ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टतया आत्महत्या के पीछे प्रेम-प्रसंग का मामला प्रतीत हो रहा है।