बांदा। मंडल मुख्यालय से चंद किमी दूर दुरेड़ी गांव के पास राष्ट्रीय केन नदी की जलधारा को बांधने के मामले में शनिवार को जिला प्रशासन हरकत में आ गया। जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह के आदेश पर खान अधिकारी सुभाष सिंह व खान निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने जांच की। जांच में अस्थायी पाइप डालकर रोकी गई जलधारा को जेसीबी से तोड़कर नदी का बहाव शुरू करा दिया है।
अमर उजाला ने 20 फरवरी के अंक में फोटो के साथ पेज नंबर तीन पर बालू के लिए नदी बांधी, अफसर खामोश हेडिंग से खबर प्रकाशित की थी। खबर को संज्ञान लेकर शनिवार को जिलाधिकारी के आदेश पर खान अधिकारी और खान निरीक्षक ने मौके पर जाकर जांच की। जांच में पाया गया कि दुरेड़ी गांव में स्वीकृत अनुज्ञा-पत्र क्षेत्र के केन नदी में अस्थायी पाइप डालकर बालू निकालने के लिए रास्ता बनाया गया था। पाइप के नीचे से पानी बह रहा था। दोनों अधिकारियों ने डीएम के आदेश पर इसे तोड़ दिया है। शुक्रवार को दुरेड़ी गांव के केन तटवर्ती इलाके के सब्जी की खेती करने वाले ग्रामीणों ने शिकायत कर कहा था कि बालू कारोबारी की हरकत से उनकी सब्जी की बाड़ी को नुकसान पहुंच रहा है।