बांदा। सात राज्यों के किसानों की उपस्थिति में तीन दिवसीय क्षेत्रीय किसान मेला कृषि विश्वविद्यालय में 20 फरवरी से शुरू होकर 21 फरवरी को खत्म होगा। मेले की तैयारियां पूरी हो गईं हैं। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही उद्घाटन करेंगे। मेला परिसर में 150 स्टॉल लगाए जा रहे हैं। इनमें उत्तर क्षेत्र के सातों राज्यों के स्टॉल शामिल हैं। किसानों को उन्नत कृषि-आत्मनिर्भर भारत विषय पर जानकारियां दी जाएंगी।
विवि कुलपति डॉ. यूएस गौतम ने बताया कि सांसद आरके सिंह पटेल और अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ. देवेश चतुर्वेदी भी मेले में शामिल होंगे। मेले में उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और नई दिल्ली के किसान शामिल होंगे। बुंदेलखंड के किसानों के लिए मेला मुफीद होगा। उन्हें कृषि के कई तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जाएंगी। आयोजन सचिव डॉ. नरेंद्र सिंह ने बताया कि 21 फरवरी को दोपहर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मेले को ऑनलाइन संबोधित करेंगे।
दोपहर डेढ़ बजे प्रदेश के राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला और चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय उपस्थित रहेंगे। समापन में केंद्रीय राज्यमंत्री कैलाश चौधरी और प्रदेश के राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत मौजूद रहेंगे। सह आयोजन सचिव डॉ. भानू प्रकाश मिश्रा ने बताया कि 21 फरवरी को शाम सात बजे सांस्कृतिक संध्या होगी। मेले में फसल, फल, फूल, सब्जी और पशु प्रतियोगिता के सजीव प्रदर्शन होंगे। यह जानकारियां विश्वविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी डॉ. बीके गुप्ता ने दीं।
किसानों को मिलेंगी 25 बिंदु की जानकारी
मेले में मॉडल गांव का मुद्दा भी आकर्षण होगा। यहां किसानों को गांव मॉडल बनाने के लिए 25 बिंदु की जानकारी दी जाएगी। उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। मेले में मॉडल गांव संस्था स्टॉल लगाएगी। संस्था सीईओ सौरभ लाल ने बताया कि विलेज मेनीफे स्टो से गांव के हरेक आदमी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। बुंदेलखंड में बदलाव लाने का आगाज बांदा से किया जा रहा है। बताया कि गांव के नए युवा किसानों को चयनित करके उन्हे 25 बिंदुओं की जानकारी देने के बाद टीम बनाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद यह युवक अपने गांव की कायाकल्प में अहम भूमिका निभाएंगे।