ें=गांवों के मिनी सचिवालय (पंचायत भवन) में ग्राम स्तरीय अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बीट पुलिसकर्मी भी निर्धारित दिनों में बैठेंगे। यह निर्देश मंडल के पुलिस महानिरीक्षक के. सत्यनारायणा ने दिए हैं। इसके लिए मंडलायुक्त ने अनुरोध किया था।
आयुक्त दिनेश कुमार सिंह ने मंडल के चारों जिलाधिकारियों को शनिवार को जारी किए पत्र में कहा कि ग्राम सचिवालयों में अन्य कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था और दिन तय कर दिए गए हैं, ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का वहीं निस्तारण हो। आयुक्त ने बताया कि पुलिस महानिरीक्षक ने भी निर्देश दिए कि इन जन सेवा केंद्रों पर बीट के सिपाहियों के बैठने का दिन भी निर्धारित किया जाएगा। ग्राम सचिवालय में यह सिपाही भी अन्य कर्मचारियों के साथ बैठेंगे। इससे समस्याओं के निराकरण में और आसानी होगी।
आयुक्त ने कहा कि आईजी से अनुरोध किया गया कि सिपाहियों के बैठने का भी वही दिन निर्धारित करें जो लेखपाल के बैठने का दिन हो। इसकी सूची बीडीओ और एसडीएम से प्राप्त की जा सकती है। बीट के सिपाही भी बैठेंगे तो भूमि विवादों का निस्तारण करने में आसानी होगी। आयुक्त ने डीएम से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जनसेवा केंद्र हर हाल में स्थापित हों। उनकी दीवारों पर स्पष्ट रूप से लिखा हो कि क्या-क्या सेवा, किन-किन दिन और किन मूल्यों पर होगी? जिलाधिकारी सभी ग्राम सचिवालय की व्यवस्था तत्काल अच्छे ढंग से कराएं। इनका लोकार्पण जनप्रतिनिधियों से कराएं।
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महोखर ग्राम सचिवालय की सराहना
मंडलायुक्त ने शनिवार को बड़ोखर ब्लाक के महोखर गांव के ग्राम सचिवालय का निरीक्षण किया। पुलिस महानिरीक्षक के. सत्यनारायणा भी साथ थे। आयुक्त ने बताया कि इस ग्राम विकास सचिवालय की ग्राम विकास अधिकारी ने बहुत सुंदर ढंग से व्यवस्था की है। इसके लिए उनकी प्रशंसा की जाती है। पंचायत सचिव का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उनकी भी प्रशंसा की जाती है। यहां बैठने वाले कर्मचारियों के नाम, पद, बैठने की तिथि आदि दीवार पर अंकित कराई गई है। निरीक्षण के दौरान जेडीसी रमेशचंद्र पांडेय, अपर आयुक्त (प्रशासन) चंद्रशेखर और बड़ोखर बीडीओ आदि भी थे।