बांदा। कृषि विश्वविद्यालय में शनिवार को सात राज्यों के किसानों का जमघट लगा। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने क्षेत्रीय किसान मेले का उद्घाटन करते हुए कहा कि बुंदेलखंड के किसान अपनी आमदनी बढ़ाएं। क्षेत्र के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों में सीड प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित कराए गए हैं। किसान अनाज के साथ-साथ उन्नत प्रजाति के बीजों का उत्पादन करके अपनी आमदनी बढ़ा सक ते हैं।
उन्होंने किसानों को टिप्स देते हुए कहा कि वह गो आधारित और जैविक खेती को अपनाएं। वन ड्राप मोर क्राप के सिद्धांत को भी अपनाने पर बल दिया। उन्नति कृषि-आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया गया। कहा कि नए कृषि कानूनों से किसानों को लाभ होगा। सरकार ने एमएसपी को डेढ़ गुना किया है। बताया कि चित्रकूटधाम मंडल के एक लाख 67 हजार किसानों का 933 करोड़ रुपये का कर्ज सरकार ने माफ किया है। मंडल में 17 हजार से अधिक तालाब, खेत-तालाब योजना के तहत खुदवाए गए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से पिछले चार वर्ष में 1870 करोड़ रुपये किसानों को दिए गए हैं। कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र में पहली बार चना, सरसों आदि की खरीद की गई है। बुंदेलखंड में खरीफ फसलों का आच्छादन और प्रदेश में 60 लाख मीट्रिक टन उत्पादन बढ़ा है।
बांदा-चित्रकूूट के सांसद आरके सिंह पटेल ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय बुंदेलखंड के लिए वरदान है। किसान खेती के साथ फल और सब्जी का भी उत्पादन करें। जिससे उनकी आमदनी बढ़ सके। निदेशक कृषि डॉ. एपी श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार की बहुउद्देश्यीय तालाब योजना जल्द ही शुरू की जाएगी। योजना से किसान मत्स्य पालन, सिंघाड़े के उत्पादन के साथ मोती का भी उत्पादन कर सकेंगे। चारा उत्पादन योजना भी शुरू करने की बात कही। कृषि विश्वविद्यालय कुलपति डॉ. यूएस गौतम ने मेले के उद्देश्य के विषय में बताया। कहा कि यहां 7 राज्यों के किसान शामिल हुए हैं। मेले का उद्देश्य उन्नति कृषि-आत्मनिर्भर भारत रखा गया है। कहा कि अबकी 5500 क्विंटल उन्नत प्रजाति के बीजों का उत्पादन किया गया है।
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फोटो परिचय4- पशुपालन विभाग के स्टॉल का अवलोकन करते कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही
मंत्री ने देखे स्टॉल, ली जानकारी
कृषि विश्वविद्यालय में क्षेत्रीय किसान मेले का कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने मेले में लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और किसानों से सवाल भी पूछे। मेले में विश्वविद्यालय के साथ-साथ एनआरएलएम ने भी अपने स्टॉल लगाए थे।
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फोटो परिचय-5- मेवा सिंह
क्षेत्रीय मेले में उन्हें कृषि से संबंधित उच्च तकनीक की जानकारी मिली है। अन्य प्रदेशों से आए किसानों से खेती करने के गुर सीखने को भी मिलेंगे।
-मेवा सिंह, किसान पंजाब
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फोटो परिचय-6- अमृत पाल सिंह
कृषि से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कर खेती को व्यापार से जोड़ना और उसका उत्पादन करना है। वह मेले में यह सब गुर सीखने आए हैं। गेहूं की प्रजातियों के बारे में जानकारी प्राप्त की है।
-अमृत पाल, किसान, उत्तराखंड
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फोटो परिचय-7- सोनू
सूत कातने का प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केंद्र से लिया है। अब गांव में चरखा से सूत काटकर आमदनी कर रहीं है। रोजाना 200 से 300 रुपये प्राप्त हो रहे हैं। मेले में और भी जानकारियां मिली हैं।
-सोनू, महिला किसान, बांदा
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ये रहे मौजूद
मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष रामकेश निषाद, प्रबंध परिषद के सदस्य बलराम सिंह कछवाह, ममता मिश्रा, सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा, संयुक्त कृषि निदेशक उमेश चंद्र कटियार, कुलसचिव आरके पवार, बुंदेलखंड विकास बोर्ड उपाध्यक्ष अयोध्या सिंह पटेल, राजेश सिंह सेंगर, आयोजन सचिव डॉ. नरेंद्र सिंह आदि।