बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में कोरोना संक्रमण का कहर बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। चित्रकूट में जहां कोरोना संक्रमित छह लोगों की मौत हो गई, वहीं बांदा में भी एक ने दम तोड़ दिया। उधर, चित्रकूट में 147 कोरोना पॉजिटिव मरीज भी मिले, जबकि बांदा में 185 संक्रमित मिलने से हड़कंप की स्थित बनी रही। बांदा से एक राहत देने वाली खबर भी आई। यहां 125 कोरोना संक्रमित स्वस्थ होकर अपने-अपने घरों को चले गए।
बांदा में रोजाना सौ से ज्यादा कोरोना संक्रमितों की चल रही श्रंखला में बृहस्पतिवार को भी 185 लोग और संक्रमित मिले। इनमें 55 महिलाएं और 130 पुरुष हैं। एक कोरोना संक्रमित की यहां मौत भी हो गई। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इसे मिलाकर अब मरने वालों की संख्या 68 हो गई है। उधर, बृहस्पतिवार को एक राहत देने वाली खबर यह रही कि 125 मरीज संक्रमण से निजात पाकर स्वस्थ हो गए। उन्हें अस्पतालों से डिस्चार्ज कर दिया गया। अब संक्रमित मरीजों का मौजूदा आंकड़ा 1097 है। बृहस्पतिवार को जारी ताजा सूची में बांदा शहर में संक्रमितों की संख्या 104 और ग्रामीणों की तादाद 81 है। सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा के मुताबिक, जनपद में अब तक 5893 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 4729 स्वस्थ हो चुके हैं।
बृहस्पतिवार को मिले संक्रमितों में जिला कारागार के आधा दर्जन बंदी, मंडलायुक्त कार्यालय परिसर के 14 संक्रमित भी शामिल हैं। इनके अलावा डीएम कालोनी, कालवन गंज, डिग्गी चौराहा, पीली कोठी, शंकर नगर, गल्ला मंडी, अलीगंज, पदमाकर चौराहा, बिजली खेड़ा, जवाहर नगर, मर्दननाका, सिविल लाइन, जजी परिसर सहित ग्रामीण इलाकों में बड़ोखर, बबेरू, अतर्रा, जसपुरा, महुआ, शेरपुर, गिरवां, बिजैली, त्रिवेणी, बिलगांव, ओरन आदि के महिला पुरुष भी शामिल हैं। संक्रमितों में कई बालक-बालिकाएं भी हैं। उधर, चित्रकूट में बृहस्पतिवार को कोरोना से छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 147 नए कोरोना संक्रमित मिले। शहर के सराफा व्यापारी को बीमारी के चलते कानपुर में भर्ती कराया गया था, वहीं उनका निधन हो गया।
मरने वालों में सरकारी विभाग के जेई, कृषि विभाग में कार्यरत अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारी और कसहाई निवासी शिक्षक भी शामिल हैं। इनके परिजनों ने बताया कि कोरोना संक्रमित होने पर ही मौत हुई है। इस मामले में अपर सीएमओ डा. एनके कुरैचिया ने बताया कि सूचना तो मिली है, लेकिन अभी इसकी जांच के बाद ही स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल में कोरोना से मौत को अधिकृत रूप से लिखा जाएगा। यहां अब कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 28 पहुंच गया है। यहां से भी थोड़ा राहत देने वाली बात यह रही कि 52 कोरोना संक्रमित स्वस्थ होकर घर लौट गए हैं। अब एक्टिव केस 1322 हैं।
इंसेट---
फायर ब्रिगेड की टीमों ने किया सैनिटाइजेशन
चित्रकूट। मुख्यालय के हॉटस्पॉट स्थलों के अलावा अग्निशमन की टीमों ने फायर ब्रिगेड कर्मियों के माध्यम से आवास एवं कार्यालय पुलिस अधीक्षक, थाना मऊ परिसर, क्षेत्राधिकारी मऊ कार्यालय एवं बस स्टैंड कर्वी के आसपास स्थानों को सैनिटाइज किया है। इसी प्रकार विकास भवन कलक्ट्रेट व अन्य सरकारी विभागों के कार्यालय में भी सैनिटाइजेशन किया गया। (संवाद)
इंसेट---
अंशकालीन चिकित्सा स्टाफ को बढ़ाया जाए
बांदा। कोरोना महामारी को काबू करने के लिए चिकित्सा स्टाफ की कमी अखर रही है। मेडिकल कॉलेज में लगभग 70 प्रतिशत स्टाफ के पद रिक्त हैं। चित्रकूटधाम मंडल का एकलौता मेडिकल कॉलेज होने की वजह से यहां कोविड मरीजों की रोजाना संख्या बढ़ रही, लेकिन स्टाफ अभाव में उनका सही तरीके से इलाज नहीं हो पा रहा है। मरीजों के बेहतर इलाज के लिए अंशकालीन मानदेय पर भर्ती की जाएं। कोविड महामारी में मरीजों के बेहतर इलाज के लिए आरोग्य भारती जिला संयोजक तरुण कुमार खरे ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर मेडिकल कॉलेज में अंशकालीन मानदेय पर चिकित्सा स्टाफ की भर्ती कराने की मांग की। उन्होंने पत्र में कहा कि बुंदेलखंड की जनता ने ज्यादातर सांसद और विधायक भाजपा को दिए हैं। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि चित्रकूटधाम मंडल के सभी सांसदों और विधायकों को भी प्रेषित की है। (संवाद)
इंसेट---
फोटो परिचय- 9 - शहर के कंटेनमेंट जोन में सैनिटाइजेशन कराते नगर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू।
सैनिटाइजेशन से लेकर शवों का दाह संस्कार भी
बांदा। कोरोना संक्रमण वाले कंटेनमेंट जोन में पालिका द्वारा सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है। पिछले तीन दिनों से अभियान शहर के कई कंटेनमेंट जोन में चल रहा है। पालिकाध्यक्ष मोहन साहू खुद मौजूद रहकर अपने निर्देशन में दवा का छिड़काव करा रहे हैं। अध्यक्ष ने बताया कि मढ़ियानाका, कैलाश पुरी, छोटी बाजार, कालवन गंज, खिन्नीनाका, निमभनी पार, फूटा कुआं, शुकुल कुआं, जवाहर नगर, आवास विकास, इंदिरा नगर, सर्वोदय नगर, बंगाली पुरा, बिजली खेड़ा आदि में सैनिटाइजेशन कराया गया है। बताया कि कोरोना संक्रमण से मरने वालों के शव राजकीय मेडिकल कॉलेज से मुक्तिधाम पहुंचाने और उनका दाह संस्कार करने का जोखिम भरा काम भी पालिका के कर्मचारी अंजाम दे रहे हैं। यह कर्मी हमारे कोरोना योद्धा हैं। वह खुद भी इनकी लगातार हौसला आफजाई कर रहे हैं। सैनिट्री इंस्पेक्टर ओमवीर सिंह, हेमंत और आदर्श कुमार त्रिपाठी, गुड्डा भइया, अजय गुप्ता, रणवीर सिंह आदि सभासद व स्टाफ कर्मी भी सहयोग कर रहे हैं। (संवाद)
इंसेट---
कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में सहयोग न करने पर होगी एफआईआर
बांदा। संक्रमित द्वारा गलत पता/मोबाइल नंबर दर्ज कराने और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में सहयोग न करने वालों के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग महामारी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराएगा। ऐसे कई मामले सामने आने के बाद विभाग ने यह निर्णय लिया है। अब तक 5654 लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए प्रयासरत है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में पॉजिटिव मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है। कोरोना की जांच कराने वाले लोग कई वजहों से अपना पता और मोबाइल नंबर गलत दर्ज करवा देते हैं। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद ऐसे लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में व्यवधान पैदा हो रहा है। सामान्य लोगों के बीच घूमते-फिरते हैं। इससे संक्रमण बढ़ रहा है। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में सहयोग नहीं करने वालों के विरुद्ध अब स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई की तैयारी में है। सीएमओ डा. एनडी शर्मा ने बताया कि कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग न हो पाने वाले संक्रमितों को खुद आगे आकर सहयोग करना चाहिए। इसके अलावा डीएम कार्यालय में कोविड कमांड सेंटर बनाया गया है। यह 24 घंटे प्रभावी है। हेल्प लाइन नंबर-05281-254901, 254902, 297940, 297939 व 255659 पर वर्तमान पते की सूचना देनी होगी। ताकि मरीज के संपर्क में आने वालों को खोजा जा सके। चेतावनी दी कि ऐसा नहीं करने वाले कोरोना पॉजिटिव मरीजों के ऊपर महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)
इंसेट---
ये है कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग
किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोगों की निगरानी प्रक्रिया को कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कहा जाता है। कोरोना वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में आने से ये संक्रमण दूसरों को आसानी से हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने वाले लोगों के संक्रमित होने का खतरा ज्यादा रहता है। संक्रमित के संपर्क में आने वालों को 14 दिन क्वारंटीन में रखा जाता है, ताकि उनकी देखभाल की जा सके और जरूरत पड़ने पर जल्दी से उपचार किया जा सके।