बांदा। संकटमोचन मंदिर में श्री रामनाम संकीर्तन की 14वी वर्षगांठ पर हार्पर क्लब में आयोजित रामलीला में श्री राम वनवास, कैकई संवाद और भरत मिलाप की लीलाओं का मंचन हुआ।
श्री राम चरित मानस संत राम हृदय दास महराज (जिज्ञासु) कहा कि मंथरा की सीख पर कैकेई ने दशरथ से वरदान में राम को 14 वर्ष का वनवास व भरत को राज तिलक मांगा। आर्य सुमंत, निषादराज संवाद, दशरथ मरण, भरत-कैकई संवाद और भरत मिलाप की सुंदर कथा सुनाई। भरत के द्वारा चित्रकूट पहुंच कर भगवान श्रीराम से वापस अयोध्या चलने का आग्रह करना, श्रीराम द्वारा पिता दशरथ के वचनों को पूरा करने की बात कहकर भरत को वापस अयोध्या लौटने का आग्रह करने की मार्मिक कथा सुनाई। भोला महाराज, श्याम बाबू त्रिपाठी, प्रमोद शास्त्री जी, श्रीकांत तिवारी, पंडित आनंद राज़ तिवारी, पुष्पक, चंद्रभान कछवाह, द्वारिका सिंह कामता सिंह, भगवानदास आदि मौजूद रहे।
आयोजन भोले महाराज ने बताया कि पांच दिसंबर तक श्रीमद् भागवत कथा, वेदी हवन व एक लाख हनुमान चालीसा पाठ, महामृत्युंजय जप का आयोजन होगा। 6 दिसम्बर को भंडारा होगा।