बांदा। मौलवी मुल्ला मुबारक हुसैन खां गौरी चिश्ती का
17वां सालाना उर्स बुधवार को इस्लामी कलेंडर की रबि उस्सानी माह की 30
तारीख को मनाया गया। सुबह कुरानख्वानी के बाद मजार का गुस्ल हुआ।
चादर
और गुल पोशी हुई। मौलाना सिकंदर (मुंबई) ने फातेहा पढ़ी। हाजी डॉ.साबिर
नियाजी, हाजी मोहम्मद नसीम, हाफिज हामिद रजा, हाफिज लतीफ, हाजी वाहिद अली
निजामी, इलाही बक्श, हाजी बस्सन खां, हाजी मुर्तुजा, शहजादे, रशीद अहमद आदि
शामिल रहे।
मेजबान जफर अहमद ने तबर्रुख बांटा। उधर, हजरत मिस्कीन
शाह वारसी (नरैनी रोड, बांदा) का 97वां सालाना उर्स 11, 12 व 13 फरवरी को
होगा। कुरानख्वानी, मजार का गुस्ल, संदल, चादरपोशी और महफिले समां आदि
होंगी। यह जानकारी हसनुद्दीन फारूकी ने दी।