बांदा। रबी की फसल की बुवाई के पूर्व खेतों की सिंचाई की सख्त जरूरत है। उधर, काफी अरसे पहले लाखों रुपये शुल्क जमा कर चुके किसानों को निजी नलकूपों का बिजली कनेक्शन और उपकरण न मिलने पर रबी की फसल पर खतरा मंडरा रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में किसान ट्रांसफार्मर आदि लेने के लिए मुख्यालय स्थित बिजली विभाग के भंडार (स्टोर) पहुंच रहे हैं। सुबह से देर रात तक यहां डेरा डाल रहे हैं। मंगलवार को किसानों ने हंगामा करते हुए स्टोर के अधिशासी अभियंता पर बदसलूकी और लापरवाही के आरोप लगाए।
चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में निजी कनेक्शन के लिए एक हजार से ज्यादा किसानों ने आवेदन कर रखा है। हरेक से 1.68 लाख रुपया जमा कराया गया है, लेकिन उन्हें नलकूप के लिए बिजली नहीं मिल रही है। आठ सौ से ज्यादा किसानों के आवेदन बिजली विभाग के स्टोर (भंडार) में लंबित हैं।
किसान यहां रोज चक्कर लगा रहे हैं। ट्रांसफार्मर और अन्य उपकरण लेने के लिए गांवों से किसान अपने भाड़े पर ट्रैक्टर ला रहे हैं, लेकिन उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। इन दिनों बुवाई का समय है। सिंचाई की दरकार है। ऐसे में किसान नलकूप कनेक्शन के लिए बुरी तरह परेशान हैं। पिछले कई दिनों से मंडल मुख्यालय में चिल्ला रोड स्थित बिजली विभाग के स्टोर में सुबह से देर रात तक किसानों का जमघट हो रहा है। यह दूरदराज से किराया-भाड़ा खर्च कर ट्रांसफार्मर आदि लेने के लिए यहां आ रहे हैं।
मंगलवार को भी किसानों का जमघट था, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। किसानों ने हंगामा किया। भाजपा युवा मोर्चा जिला मंत्री देवेश कुमार मोनू की अगुवाई में किसानों ने सामूहिक हस्ताक्षरों से भाजपा जिलाध्यक्ष सहित जिले के चारों विधायकों को संबोधित ज्ञापन में कहा कि कई हजार किसानों ने लाखों रुपये जमा कर रखा है।
उन्हें बिजली सामग्री नहीं दी जा रही। रोज लौटाया जा रहा है। सरकार की छवि धूमिल हो रही है। किसानों ने कहा कि स्टोर के अधिशासी अभियंता समय से कार्यालय नहीं पहुंचते। किसानों और भाजपा कार्यकर्ताओं से अभद्रता करते हैं। लेन-देन का भी आरोप लगाया। किसानों ने भाजपा अध्यक्ष व विधायकों से मांग की कि मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री को तत्काल अवगत कराकर किसानों को बिजली सामग्री उपलब्ध कराएं। दोषियों को निलंबित कर कार्रवाई कराएं।
ज्ञापन देने वाले किसानों में रामकिशोर (बड़ागांव), सुरेंद्र (गोखरही), बलवान सिंह (पवई), प्रवीण करन (जसपुरा), साहिल (मूंगुस), राजकरन (मटौंध), रामरूप (तिंदवारी) सहित रविकरन यादव (पपरेंदा), भइयालाल (छिलोलर), शरदपाल (मुरवल) और समाजसेवी नीरज प्रजापति आदि शामिल रहे। उधर, मुख्य अभियंता केके भारद्वाज का कहना है कि लक्ष्य से ज्यादा आवेदन होते हैं। ऐसे में सभी को विद्युत सामग्री संभव नहीं हो पाती। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर शुल्क जमा करने वाले किसानों को कनेक्शन दिए जाते हैं। शेष किसानों को अगले वर्ष कनेक्शन दिए जाएंगे।