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कोरोना के कहर से गैर प्रांतों की 26 बसें बंद

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बांदा। कोरोना संक्रमण बढ़ने पर परिवहन निगम की बसों का संचालन दूसरे प्रांतों के लिए बंद कर दिया गया। इनमें चित्रकूटधाम मंडल की 26 बसें शामिल हैं। 15 मई तक इनका संचालन बंद कर दिया गया। मंडल के चारों डिपों से प्रतिदिन कानपुर-लखनऊ होते हुए दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान आदि प्रांतों के लिए बसें जाती थीं। इनमें रोजाना सात-आठ हजार यात्रियों का आना-जाना था। गैर प्रांतों के लिए बस सेवा रोकने से परिवहन निगम को लगभग 20 लाख रुपये राजस्व का नुकसान होगा। मंडल में 403 बसों का बेड़ा है।
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कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर ने महामारी का रूप ले लिया है। प्रतिदिन सैकड़ों लोग स्पेशल ट्रेनों व रोडवेज बसों से अन्य प्रांतों से अपने गांव-घर लौट रहे हैं। संक्रमण बढने से शासन ने गैर राज्यों को जाने वाली बसों के संचालन पर रोक लगा दी है। इसी के साथ गैर प्रांत जाने वाली बांदा डिपो की पांच, महोबा की आठ, राठ की छह व हमीरपुर की सात बसों का संचालन भी बंद हो गया। ये बसें एमपी के पन्ना, छतरपुर व नौगांव, जयपुर (राजस्थान), दिल्ली, देहरादून (उत्तराखंड) चलती थीं। ये बसें प्रतिदिन 8,968 किलोमीटर चल रही थीं। बसों के बंद होने से रोजाना हजारों यात्रियों को परेशानी हो रही है। इनमें अधिकांश प्रवासी हैं। राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। हालांकि प्रदेश में बसों का संचालन जारी है।
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मंडल से दूसरे प्रांतों को चलने वाली बसें
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डिपो बस मार्ग
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बांदा 5 पन्ना
महोबा 8 दिल्ली, सागर, जयपुर
राठ 6 छतरपुर, नौगांव
हमीरपुर 7 देहरादून
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इनसेट-
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शासन के आदेश पर गैर प्रांतों के लिए बस संचालन बंद करने का निर्णय लिया गया है। यहां से गैर प्रांतों के लिए 26 बसें चल रही थीं। इन्हें तत्काल बंद कर दिया गया।
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- अनिल कुमार, प्रभारी आरएम, चित्रकूटधाम परिक्षेत्र।
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इनसेट-
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ट्रैवल एजेंसियों की चांदी
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल की 26 बसें बंद होने के बाद ट्रैवल्स एजेंसियों की चांदी हो गई। मंडल से विभिन्न प्रांतों को जाने वाली करीब 150 बसों का संचालन तेज हो गया। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अन्य प्रांतों को आ-जा रहे हैं। उधर, जनपद सीमा से जुड़े एमपी के शहर/गांवों के लोग डग्गामार वाहनों का सहारा ले रहे हैं। तमाम टैक्सी भूसे की तरह सवारियां भर रही हैं।
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