बांदा। लाठी व फरसा से मारपीट करने के मामले में तीन भाइयों समेत चार दोषियों को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रपाल द्वितीय की अदालत ने सोमवार को दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही चारों पर 4500-4500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसकी अदायगी न करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
गिरवां थाना क्षेत्र के मकरी गांव निवासी वीरेंद्र पुत्र बैजनाथ यादव ने 31 अक्टूबर 2016 को गिरवां थाने में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसी दिन करीब तीन बजे दिन को घर पर था कि अब्दुल खान उसके घर आया और घर की महिलाओं को गाली देने लगा।
तब सभी लोगों ने मना किया तो घर के बाहर सुबराती, बफाती व पीकम पुत्र अब्दुल खान, केशाम, आरिफ, अल्लादीन और दो अज्ञात महिलाएं लाठी, तमंचा व फरसा लिए खड़े थे। इसके बाद उसे व उसके भाई रामभवन व उसकी भाभी मुन्नी और भतीजे जयकरन व नन्दू को पीटने लगे। सभी लोगों ने बचाव किया तो लाठी के मारने से रामभवन के सिर पर गंभीर चोटें आई तो वह बेहोश हो गया।
इतने में सभी लोग जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। विवेचक ने बफाती,आरिफ व अल्लादीन को क्लीनचिट देते हुए एफआर लगा दी। साथ ही बाबूखान, सुबराती, पीकम पुत्र अब्दुल खान व केशाम पुत्र गोरेलाल निवासी मकरी के विरुद्ध आरोप पत्र अदालत में पेश किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों एवं दोनों पक्षों के बाद न्यायाधीश ने अपने 21 पृष्ठीय फैसले में बाबूखान, सुबराती, पीकम व केशाम को दोषी पाकर सजा व जुर्माना से दंडित किया।