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स्टोन क्रेशर प्लांटों की दो टीमें करेंगी जांच

Thu, 24 May 2018 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
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स्टोन क्रेशर प्लांट - फोटो : अमर उजाला
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से चित्रकूटधाम मंडल के स्टोन क्रेशर प्लांटों को जारी नोटिस और 15 दिन में जवाब देने के आदेश से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और प्लांट संचालकों में खलबली है। प्रदूषण बोर्ड ने जांच के लिए दो टीमें गठित की हैं। इनमें बांदा, झांसी और लखनऊ के अधिकारी शामिल हैं। दोनों टीमों में चार-चार सदस्य हैं। टीमें 10 दिन के अंदर मंडल के लगभग तीन सौ क्रेशर प्लांटों की जांच करेंगी।  

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एनजीटी ने याचिका पर दो दिन पूर्व केंद्र और राज्य सरकारों के साथ बांदा और महोबा के डीएम तथा क्रेशर संचालकों को नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि बांदा और महोबा में तमाम स्टोन क्रेेशर प्लांट उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बिना अनुमति चल रहे हैं। इनमें नियम और मानकों का पालन नहीं हो रहा है।

इससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। प्लांटों के आसपास के लोग सांस की बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं। याचिका में सर्वाधिक 227 स्टोन क्रेशर प्लांट महोबा में बताए गए हैं। चित्रकूट में 58, बांदा में 12 और हमीरपुर में मात्र दो क्रेशर हैं। याचिका में कहा गया है कि इनमें लगभग सौ स्टोन क्रेशर प्लांट बिना अनुमति चलाए जा रहे हैं।
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प्रदूषण रोकने के लिए निर्धारित शर्तों का पालन नहीं हो रहा है। एनजीटी के आदेश के बाद इनकी जांच के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दो टीमें गठित की हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी वीके मिश्रा ने बताया कि टीम में बांदा, झांसी और लखनऊ के अधिकारी शामिल हैं। टीमों में चार-चार सदस्य हैं। टीमें लगभग 10 दिन में जांच पूरी कर लेंगी।  

डीएम की नोटिस पर नहीं हुआ अमल  
बांदा। पिछले साल सितंबर में बांदा के तत्कालीन डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने आदेश जारी किया था कि स्टोन क्रेशर प्लांट से निकल रही डस्ट (धूल) से निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु प्रदूषण और पब्लिक न्यूसेंस और कृषि भूमि पर धूल की परत जमा होने की समस्या पैदा हो रही है। डीएम ने सभी प्लांट संचालकों को सख्त आदेश दिया था कि डस्ट नियंत्रण के लिए समुचित जल छिड़काव की व्यवस्था करें।

प्लांट परिसर के चारों ओर चार मीटर ऊंची बाउंड्रीवाल बनाएं। इसके किनारे चारों तरफ सघन पौधारोपण करें। यह भी निर्देश दिया था कि ग्रिट एवं डस्ट कनवेयर्स को अनिवार्य रूप से मैटल शीट से कवर्ड किया जाए। इसके लिए डीएम ने 30 सितंबर 2017 की अंतिम तिथि निर्धारित की थी। चेतावनी दी थी कि इस पर अमल नहीं हुआ तो संचालकों के विरुद्ध प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम-1981 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी वीके मिश्रा का कहना है कि नोटिस के बाद प्लांटों में काफी काम हुआ है, अभी काफी काम बाकी है। 

पीने को पानी नहीं, कहां से छिड़कें  
स्टोन क्रेशर प्लांट से रात दिन उड़ रही धूल से पर्यावरण को हो रहे भारी नुकसान पर लगाम के लिए प्लांटों में पानी छिड़काव के निर्देश और मानक हैं, लेकिन इस पर अमल नहीं हो रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी वीके मिश्रा प्लांटों की वकालत में हैं। उनका कहना है कि बुंदेलखंड में पानी की यूं ही कमी है। ऐसे में रोजाना छिड़काव के लिए पानी की व्यवस्था कर पाना दूभर है। ब्यूरो 


एनजीटी ने इन्हें जारी की है नोटिस 
1. केेंद्र सरकार (वन एवं पर्यावरण मंत्रालय)। 2. उत्तर प्रदेश सरकार (मुख्य सचिव)। 3. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (दिल्ली)। 4. उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (लखनऊ)। 5. डीएम (महोबा)। 6. डीएम (बांदा)। 7. श्री सांईनाथ स्टोन क्रेशर (कबरई, महोबा)। 8. न्यू भाऊ ग्रेनाइट (कबरई)। 9. मैक्सिमा बिल्ड कोन स्टोन क्रेशर (कबरई)। 10. अमरनाथ ग्रेनाइट (कबरई)। 11. नीलकंड स्टोन मिल (कबरई)। 12. कृतिका स्टोन मिल (कबरई)। 13. राघव स्टोन क्रेशर (कबरई)। 14. स्वास्तिक इंफ्रास्ट्रक्टचर (कबरई)। 15. अवध ग्रेनाइट (कबरई)। 16. आरजेएस एसोसिएट (कबरई)। 17. मां पदमावती ग्रेनाइट (कबरई)। 18. बाबा ग्रेनाइट (कुलपहाड़)। 19. देव भूमि स्टोन इंडस्ट्रीज (गुरौरा)। 20. यदुवंशी ग्रेनाइट (चरखारी)। 21. चौधरी ग्रेनाइट (गुरौरा)। 22. पाठक ग्रेनाइट (कबरई)। 23. जय कलशा बाबा ग्रेनाइट (महोबा)। 24. प्रसाद ग्रेनाइट (गोहरी)। 25. कृष्णा ग्रेनाइट (काली पहाड़ी)। 26. हनुमत इंटरप्राइजेज ग्रेनाइट (काली पहाड़ी)। 27. मां पंचपहाड़ी ग्रेनाइट (कबरई)। 28. मां शेरेवाली ग्रेनाइट (पहरा)। 29. ऋितुराज ग्रेनाइट (बसोत)। 30. गंगाजी स्टोन मिल (पहरा)। 31. सब रानी महान ग्रेनाइट (महोबा)। 32. मंगल स्टोन मिल (कबरई)। 33. वीएस स्टोन क्रेशर (महोबा)। 34. एपी ग्रेनाइट (डहर्रा)। 35. कुबेर ग्रेनाइट (कबरई)। 36. चंद्रसिंह स्टोन मिल (पहरा)। 37. जय मां अंबे ग्रामोद्योग समिति (महोबा)। 38. प्रीतम ग्रेनाइट (महोबा)। 39. बुधौलिया ग्रेनाइट (महोबा)। 40. सूरज स्टोन इंडस्ट्रीज (कबरई)। 41. मां जगदंबा ग्रेनाइट (कबरई)। 42. राष्ट्रीय ग्रेनाइट (डहर्रा)। 43. महाशक्ति स्टोन मिल (महोबा)। 44. मां गौरी स्टोन मिल (महोबा)। 46. न्यू हरियाणा ग्रेनाइट (महोबा)। 47. भोला स्टोन मिल (महोबा)। 48. समता ग्रेनाइट उद्योग (महोबा)। 49. त्रिमूर्ति ग्रेनाइट (महोबा)। 

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