तिंदवारी रोड में स्कूली बसों को चेक करते यात्रीकर अधिकारी।
- फोटो : विलाप करते परिजन।
बांदा। जुलाई में स्कूल खुलने के साथ ही बिना फिटनेस व मानक के स्कूली बसें भी सड़कों पर फर्राटा भर रही हैं। नोटिस देने के बावजूद स्कूल बसों को मानक के अनुरूप कागजात और फिटनेस दुरुस्त नहीं कराई गई है। यात्री कर अधिकारी ने बुधवार और गुरुवार को चेकिंग के दौरान दो स्कूल बसों को परमिट न होने और फिटनेस न होने पर सीज करते हुए थाने में खड़ा कराया। 11 स्कूली बसों का चालान किया।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी श्यामलाल ने बताया कि मानक पूरा न करने वाली स्कूल बसों और अनाधिकृत वाहनों को सड़क पर दौड़ने नहीं दिया जाएगा। स्कूल बसों में कागजी खामियां और फिटनेस न होना, स्कूली बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। यात्री व माल कर अधिकारी रामसुमेर यादव ने बताया कि बुधवार को चेकिंग के दौरान परमिट न होने पर एक स्कूल बस को सीज करते हुए तिंदवारी थाने में खड़ा कराया गया, जबकि तीन स्कूल बसों का चालान किया गया।
गुरुवार को चेकिंग के दौरान फिटनेस न होने पर एक स्कूल बस को सीज करते हुए कालूकुआं मंडी समिति चौकी पुलिस के सुपुर्द किया गया। जबकि आठ स्कूल बसों का चालान किया गया। पीटीओ ने कहा कि मानक पूरा न करने वाली स्कूल बसों को सड़क पर नहीं दौड़ने दिया जाएगा।