बांदा। गैंगस्टर एक्ट के करीब 10 वर्ष पुराने मामले में विशेष न्यायालय गैंगस्टर एक्ट श्रीपाल सिंह की अदालत ने दो दोषियों भुल्ली व लाला यादव को पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा छह-छह हजार रुपये जुर्माना लगाया।
अभियोजन के अनुसार थाना बदौसा में 25 जून 2015 को उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत भुल्ली उर्फ शिवशरण यादव व लाला यादव के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था। उतरवां निवासी भुल्ली गिरोह का लीडर था जबकि लाला यादव गिरोह का सक्रिय सदस्य था।
मामले में साक्षी धर्मनारायण द्विवेदी, जो वन विभाग से संबंधित तथ्य साक्षी थे, उनके बयान के अनुसार 13 जुलाई 2014 की घटना में बबेरू रोड, उतरवा क्षेत्र में अवैध रूप से ट्रैक्टर द्वारा बालू खनन किए जाने की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। वहां ट्रैक्टर को रोकने का प्रयास किया गया। वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट, गाली-गलौज एवं जान से मारने की धमकी तक दी गई थी।
मुकदमे में न्यायालय ने 11 नवंबर 2016 को दोनों के विरुद्ध आरोप निर्धारित किए गए थे। न्यायालय ने उपलब्ध मौखिक व अभिलेखीय साक्ष्यों के आधार पर भुल्ली व लाला यादव को दोषी पाया। न्यायालय ने दोनों को जेल भेज दिया है।
ससुरालियों पर जानलेवा हमले में तीन साल की सजा
बांदा। ससुराल में आकर पत्नी, साले व सास के साथ मारपीट करने के दोषी को स्पेशल जज ईसीएक्ट संजय कुमार सिंह की अदालत ने सजा सुनाई। दोषी झांसी के टहरौली निवासी ओमप्रकाश को तीन साल के कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया गया है। दोषी जेल में निरुद्ध होने की वजह से सजायवती वारंट बनाकर भेजा गया है।
गिरवां थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी श्यामसुंदर ने अपने दामाद ओमप्रकाश के खिलाफ गिरवां थाने में 14 अगस्त 2023 को मुकदमा दर्ज कराया था। कहा था कि दोषी उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित भी करता था। इस मामले में न्यायालय ने ओमप्रकाश को जानलेवा हमले का दोषी पाया और उसे सजा सुनाई है। (संवाद)