बांदा। दो अलग-अलग स्थानों पर ननिहाल में रह रहे दो बच्चों की नहाते समय तालाब और नदी के पानी भरे गड्ढे में डूबकर मौत हो गई। बच्चे का शव तालाब में उतराता मिला, जबकि बालिका को पानी भरे गड्ढे से निकालकर जिला अस्पताल लाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जसपुरा थाना क्षेत्र के कुम्हरिया डेरा निवासी अयनांश (4) पुत्र प्रदीप शुक्रवार शाम हम उम्र बच्चों के साथ जमुवा तालाब नहाने चला गया। नहाते समय वह तालाब में डूब गया। काफी देर तक जब बाहर नहीं निकला तो अन्य बच्चों ने घर आकर परिजनों को बताया। खबर पाकर परिजन मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद पानी से बालक को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मृतक के रिश्तेदार राधेश्याम निवासी जसपुरा ने बताया कि मृतक अपनी मां गुड़िया के साथ तीन वर्ष से नाना सरजू के यहां कुम्हरिया डेरा गांव में रह रहा था। गुड़िया की शादी कानपुर के सजेती थानांतर्गत छरछुवा गांव निवासी प्रदीप प्रजापति के साथ हुई थी। मृतक दो भाइयों में छोटा था। थाना प्रभारी अनुपमता तिवारी ने बताया कि तालाब में डूबने से बच्चे की मौत हुई है। हल्का लेखपाल शिवनरेश ने घटनास्थल पहुंचकर जांच-पड़ताल की।
बांदा। जनपद फतेहपुर के कोर्रा कनक गांव निवासी बेबी उर्फ लक्ष्मी (8) पुत्री ऊदल निषाद छह माह से अपने नाना रमेश के यहां देहात कोतवाली क्षेत्र के चकचटगन गांव में रह रही थी। शादी के बाद दसवारी रस्म को पूरा करने के लिए महिलाएं नदी की तरफ जा रही थीं, इस पर बेबी भी महिलाओं के पीछे-पीछे चली गई। केन नदी में बालू खोदाई के पानी भरे गड्ढे में नहाते समय बालिका डूब गई, इससे उसकी मौत हो गई। परिजन खोजते हुए पहुंचे तो गड्ढे के समीप बेबी के कपड़े रखे हुए थे। परिजनों ने गड्ढे में कूदकर बेबी को बाहर निकाला और अस्पताल लाए, वहां चिकित्सकों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। नाना रमेश ने बताया कि बेबी उर्फ लक्ष्मी छह माह से उसके साथ रह रही थी। उसकी मां अर्चना और एक भाई व एक बहन कोर्रा कनक फतेहपुर में रहते हैं।