बांदा। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम प्रवीण कुमार सिंह ने खेत जोताई के दौरान लाठी-डंडा व फरसा से जानलेवा हमला करने दोषी दो भाइयों को पांच-पांच साल की सजा व 21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
तीसरे दोषी भाई के सुनवाई के दौरान नाबालिग होने की वजह से उसकी पत्रावली किशोर बोर्ड को प्रेषित की गई है। कानपुर नगर के सजेती थाना क्षेत्र के कुटरा मकरंदपुर निवासी विक्रम सिंह ने तिंदवारी थाने में 12 अप्रैल 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपनी ससुराल बांदा के देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव महोखर में आया था।
सुबह वह अपने ससुर राधेश्याम व शिवबदन के साथ अपनी फुफेरी सास का खेत जोतने तिंदवारी के महुई गांव आए थे। खेत जोतकर जैसे ही वह गांव पचनेही की तरफ गए तो उनका पीछा करते हुए महुई गांव के राजेश उसका भाई राकेश, एक किशोर और उनकी मां मीरा आईं। राजेश ने फरसा व अन्य दोनों भाइयों ने लाठी-डंडा से राधेश्याम पर हमला कर दिया था।
अभियोजन ने बताया कि तीनों दोषियों के खिलाफ 17 अप्रैल 2015 को आरोप पत्र बनाया गया। उस समय एक नाबालिग था, इसलिए उसकी पत्रावली किशोर बोर्ड को प्रेषित की गई। सात गवाह पेश किए गए। अदालत ने दोनों भाइयों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।