बांदा। शहर कोतवाली क्षेत्र के अरबई गांव में बरसाती नाले में नहाने उतरे दो बालक गहराई में जाने से डूब गए। ग्रामीणों ने एक बालक को पानी से निकाल लिया जबकि दूसरे की डूबकर मौत हो गई। मशक्कत के बाद बालक का शव निकाला जा सका।
गांव के प्रधान धनंजय सिंह ने बताया कि दोपहर करीब साढ़े 12 बजे गांव के दो बालक मोहित पाल (10) व करन पाल (9) नहाने के लिए गांव स्थित नाले में उतरे थे। नाले में तेज बहाव होने के कारण मोहित व करन बह गए। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने नाले में कूदकर करन पाल को तो बचा लिया लेकिन मोहित पाल नाले की गहराई में समा गया।
प्रधान धनंजय सिंह ने पुलिस और गोताखोरों को बुलाया। पुलिस और गोताखोरों ने मोहित की तलाश शुरू की। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद मोहित के शव को नाले से निकाला जा सका। प्रधान ने बताया कि मोहित के पिता मुन्ना पाल का निधन हो चुका है। मोहित की एक बहन है।
मां ऊषा मजदूरी करती हैं। वह गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ता था। अतर्रा चुंगी चौकी एसआई उत्कर्ष कुमार ने बताया कि नाले में डूबने से बालक की मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
इकलौते बेटे की मौत से गूंजी चीत्कार
बांदा। शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव अरबई में नाले में डूबने से हुई बालक की मौत पर कोहराम मचा है। मृतक मोहित के बड़े पिता राममूरत ने बताया कि मोहित घर का इकलौता पुत्र था। वह गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच में पढ़ता था।
उसके पिता मुन्ना पाल की आठ जुलाई 2018 में गुरुग्राम में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। तब से मोहित की मां ऊषा अपने दोनों बच्चों मोहित व शालिनी को लेकर गांव आ गईं थीं। यहां मुन्नापाल के हिस्से में दो बीघा जमीन में खेती और मजदूरी करके अपने बच्चों का पालन पोषण कर रहीं थीं। हादसे से ऊषा का अंतिम सहारा भी छिन गया।
वह बार-बार बेटे की याद में बेसुध हो जाती है। बताया कि कई बार बच्चाें को नाले की ओर से जाने से मना किया गया था लेकिन वह नहीं माने थे। उधर, पड़ोसी राजू पाल ने बताया कि उनका पुत्र करन पाल सही सलामत बच निकला है लेकिन उन्हें मोहित के जाने का बेहद अफसोस है।