अतर्रा (बांदा)। मां की खुदकुशी प्रकरण में कोई कार्रवाई न होने पर 21 दिन बाद पुत्र ने भी फंदा लगाकर जान दे दी।
परिजन का कहना है कि युवक ने कई बार ब्लैकमेलर रिश्तेदार के खिलाफ कोतवाली में लिखित शिकायत की थी लेकिन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इससे आहत हाेकर पुत्र ने भी यह आत्मघाती कदम उठाया है।
युवक ने सुसाइड नोट में रिश्तेदार को जिम्मेदार ठहराते हुए मां की तर्ज पर खुदकुशी करने की बात लिखी है। हालांकि पुलिस सुसाइड नोट व आरोपी के खिलाफ प्रार्थना पत्र मिलने की बात से इन्कार किया है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला राजनगर निवासी शिवम गुप्ता ने बताया कि उसके बड़े भाई सत्यम गुप्ता (22) ने शनिवार की देर शाम घर के कमरे में पंखे के हुक से साड़ी का फंदा लगाकर जान दे दी। पेंटिंग के कार्य से घर लौटे पिता कमलेश गुप्ता ने कुछ देर सत्यम को आवाज लगाई लेकिन जवाब नहीं मिला। जिसके बाद पिता ने छोटे पुत्र शिवम को बुलाया।
शिवम ने घर की दीवार से चढ़कर देखा तो सत्यम कमरे में फंदे से लटका था। परिजन ने उसे फंदे से उतारकर सीएचसी में दिखाया। यहां से डॉक्टरों ने उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया। मेडिकल कॉलेज में सत्यम को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
यह था पूरा प्रकरण
शिवम ने बताया कि उनकी मां गोमती देवी का प्रेम प्रसंग देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव कुलकुम्हारी निवासी रिश्तेदार से चल रहा था। बाद में आरोपी ने मां को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था। मोबाइल फोन पर आपत्तिजनक वीडियो और फोटो भेजता था। इससे तंग आकर 21 दिन पहले मां ने फंदा लगाकर जान दे दी थी।
इस मामले में उसके पिता और भाई कोतवाली में आरोपी की शिकायत करने पहुंचे थे लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। शनिवार को सुबह भी वह आरोपी की शिकायत करने कोतवाली गए थे। सुनवाई न होने पर आहत होकर सत्यम ने यह आत्मघाती कदम उठाया। सत्यम ने सुसाइड नोट भी छोड़ा है। सत्यम दो भाइयों में अविवाहित था। वह बस अड्डे के पास मूंगफली बेचता था।
सुसाइड नोट के अंश
मेरी मां ने रिश्तेदार (आरोपी रिश्तेदार) की ब्लैकमेलिंग से तंग आकर खुदकुशी की थी। इसकी कई बार कोतवाली में शिकायत की थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब मैं भी मां की तरह खुदकुशी कर रहा हूं। इसके लिए आरोपी रिश्तेदार जिम्मेदार है।
पुलिस ने सिरे से खारिज किया
प्रथम दृष्टया खुदकुशी है। युवक नशे का आदी था। मृतक की मां ने भी खुदकुशी की थी। तब परिजन ने किसी के ऊपर कोई आरोप नहीं लगाया था और न ही कोई शिकायती पत्र दिया था। उन्हें सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। न ही परिजन उनके पास शनिवार को शिकायत लेकर आए थे।-राकेश तिवारी
प्रभारी निरीक्षक, अतर्रा कोतवाली।