शहर के कंचन पुरवा निवासी मुर्गा मीट दुकानदार 22 वर्षीय आशीष वाल्मीकि के हत्याभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आशीष की हत्या 15 जुलाई को हुई थी। शव तिंदवारी रोड पर पेट्रोल पंप के पास बरामद हुआ था।
गुरुवार को शहर कोतवाली में अपर एसपी आशुतोष शुक्ल ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दो अभियुक्तों लवलेश उर्फ गुड्डू कुशवाहा और सुरेश कुशवाहा (मंडी समिति रोड) को मीडिया के सामने पेश किया।
अपर एसपी ने अभियुक्तों के हवाले से बताया कि लवलेश उर्फ गुड्डू ने बताया है कि आशीष का उसकी घर आना-जाना था। उसकी बहन पर बुरी नियत रखता था। इसलिए उसने अपने दोस्त सुरेश कुशवाहा के साथ 14 जुलाई को आशीष को फोन पर खरीददारी का झांसा देकर पहड़िया के पास बुला लिया।
आशीष बाइक पर आ गया। सुरेश ने उसके सिर पर लोहे की राड मार दी। वह गिर गया। बाद में उसे पीट-पीट कर मार डाला। उसकी बाइक बिसंडा बाईपास के पास और मोबाइल वहीं खेत में फेंक दिया। लोहे का राड झाडिय़ों में छिपा दिया। आशीष का दूसरा मोबाइल गुड्ड़ू के घर रखा हुआ है।
अपर एसपी ने बताया कि गिरफ्तारी करने वाले कोतवाली प्रभारी हरिशंकर राय, एसआई राकेश सरोज, महेंद्र सिंह, रामबाबू यादव, अजय कुमार सिंह, लालजी सिंह और क्राइम ब्रांच के पंकज तिवारी को 5000 रुपये ईनाम दिया जाएगा।
पुलिस सर्विलांस के जरिए अभियुक्तों तक पहुंची। उधर, मृतक की बहन गुड्डो ने कहा कि उसके भाई की हत्या लूट के लिए की गई है। उस पर लगाए अन्य आरोप गलत हैं। उधर, इस दौरान कोतवाली में वाल्मीकि समाज के नेता पुलिस अफसरों को फूलों की माला पहनाकर उनकी तारीफों के कसीदे पढ़ते रहे, जबकि मृतक के परिजन रोते रहे।