अतर्रा (बांदा)। बीमारी व कर्ज से परेशान होकर किसान ने फंदा लगाकर जान दे दी। मंगलवार को सुबह परिजनों ने उन्हें फंदे से लटका देखा तब पुलिस को सूचना दी।
बिसंडा थाना क्षेत्र के बिलगांव निवासी महेश सिंह ने बताया कि उनके पिता उदयभान सिंह (50) ने रात में किसी समय छत के छज्जे में रस्सी से फंदा लगा लिया। मंगलवार सुबह जब परिजनों ने देखा तो वह फंदे से लटके थे। बताया कि पिता ने किसान क्रेडिट कार्ड से 10 साल पहले तत्कालीन यूपी ग्रामीण बैंक शाखा खुरहंड से साढ़े तीन लाख रुपये लोन लिया था।
इसके बाद से वह लगातार टीबी और मधुमेह रोग से पीड़ित हो गए। लंबे इलाज के बाद सही हुए तो उन्हें पीलिया हो गया। वर्तमान में भी वह पीलिया से ग्रसित थे। उधर, बैंक का कर्ज अदा न कर पाने से वह परेशान रहते थे। एक माह पहले अमीन ने उनके घर पर बैंक का नोटिस भेजा था। नोटिस में लोन चुकता न करने पर 14 बीघा जमीन की नीलामी की चेतावनी दी गई थी।
हालांकि उनके परिजनों ने लोन चुकता करने के लिए छह माह की मोहलत भी मांगी थी। कर्ज और बीमारी से परेशान होकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया है। घर में उनकी पत्नी नीतू सिंह व पुत्र महेश व बलदाऊ सिंह हैं। एक बेटी है। बिसंडा थाना इंस्पेक्टर राजेश वर्मा ने बताया कि प्रथमदृष्टया जांच में बीमारी से परेशान होकर खुदकुशी की है। कर्ज वाली बात उनके संज्ञान में नहीं है। फिर भी जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, खुरहंड के शाखा प्रबंधक रमन शुक्ला ने बताया कि बैंक की ओर से किसान उदयभान सिंह को कोई नोटिस नहीं भेजा गया है।
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मुशर्रफ खां