बबेरू। परास गांव में आयोजित किसान पाठशाला में किसानों को दलहनी व तिलहनी फसलों की उत्पादकता एवं पैदावार बढ़ाने की नवीनतम तकनीक की जानकारी दी गई। कृषकों को प्राकृतिक खेती व मृदा में जीवांश कार्बन की मात्रा को बढ़ाने के लिए हरी खाद सनई, ढैचा, उर्द व मूंग को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
शासन के आदेश पर 29 दिसंबर के मध्य दो दिवसीय ग्राम पंचायत स्तरीय किसान पाठशाला का आयोजन जनपद की 168 ग्राम पंचायतों में किया जाना है। जिसके क्रम में शनिवार को बबेरू ब्लॉक की परास ग्राम पंचायत में प्रथम किसान पाठशाला हुई। कृषि वैज्ञानिकों ने खेती में लागत कम करने के उद्देश्य से प्राकृतिक खेती एवं मृदा में जीवांश कार्बन की मात्रा को बढ़ाने के लिए हरी खाद को अपनाने पर जोर दिया।
उप कृषि निदेशक डा. एके यश ने प्रभावी कीट नियंत्रण एवं खरपतवार नियंत्रण तथा नैनो यूरिया, नैनो डीएपी के छिड़काव के लिए कृषि ड्रोन के महत्व के बारे में बताया। फार्मर रजिस्ट्री के बारे में विस्तृत चर्चा की।