बांदा। छोटे-बड़े वाहनोें और राहगीरों से व्यस्त
तिराहे की सड़क पर पावर कारपोरेशन कर्मचारियों द्वारा खड़ी कर दी गई
ट्रांसफार्मर ट्राली से स्कूली बच्चों से भरी बस टकराने से बाल-बाल बच गई।
बड़ा हादसा टल गया। बस चालकों ने यहां से स्कूल बस निकालने से मना कर दिया है। सैकड़ों बच्चों को स्कूल जाने में रुकावट आ गई है।
मर्दननाका
अवस्थी भवन के सामने लगे दो ट्रांसफार्मरों में से एक ट्रांसफार्मर कई
दिनों पहले खराब हो गया। उसके स्थान पर नया ट्रांसफार्मर न लगाकर पावर
कारपोरेशन कर्मियों ने ट्रांसफार्मर के नजदीक मुख्य सड़क पर ट्रांसफार्मर
लगी ट्राली खड़ी कर दी है।
इसी से आपूर्ति की जा रही है। इसी स्थान
से खुटला, रहुनिया, खिन्नीनाका, मर्दन नाका, कुंजरहटी, जिला पंचायत
चौराहा, खाईपार आदि मोहल्लों के बच्चों को ले जाने और लाने वाली स्कूली
बसें गुजरती हैं।
ट्रांसफार्मर ट्राली से सटकर बसें निकालना चालकों
की मजबूरी है। बुधवार को एक स्कूली बस ट्रांसफार्मर ट्राली में टकराने में
बाल-बाल बच गई।
ट्राली से टकराने पर बस में करंट उतरने व बच्चों की जान जाने का खतरा टल गया। पावर कारपोरेशन के प्रति लोगों में रोष है।
उधर,
कारपोरेशन के मुख्य अभियंता एके सक्सेना ने इसे गंभीरता से लिया है।
उन्होंने अधिशासी अभियंता और उप खंड अधिकारी को ट्राली हटाने के निर्देश
दिए हैं।