बांदा। अधिक लोड और तपिश ट्रांसफार्मरों के लिए काल बन गई हुई। ट्रांसफार्मर के फुंकने व लाइनों के फाल्ट से किसी न किसी मोहल्ले की बिजली गुल रहती है। इससे लोग खासे परेशान हैं। लोगों का कहना है करोड़ों रुपये खर्च के बाद भी बिजली में सुधार नहीं हो पा रहा है।
बुधवार को 11 केवी की लाइन में फाल्ट से भूरागढ़ फीडर की सप्लाई तीन घंटे बंद रही। सारा दिन बिजली का आना जाना लगा रहा। भरी दोपहरी में लोग बिना बिजली के परेशान रहे। कमोवेश छोटी बाजार फीडर का भी यहीं हाल रहा। मैकू गुप्ता, लल्लू का कहना है कि भीषण गर्मी में दिनभर बिजली आती-जाती रहती है।
न कोई रात में सुकून से सो पा रहा है न दिन में आराम कर पाता है। सर्वोदय नगर में पूरी रात बिजली आपूर्ति बंद रही। मढि़यानाका, छोटी बाजार के कई मुहल्लों में लो-वोल्टेज की समस्या रही।
बसंत बिहार कताई मिल के पास तीन घंटे बिजली बंद रही। लोगों का कहना है 24 घंटे में 20 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है। अतर्रा रोड कुशवाहा नगर में रात को ट्रांसफार्मर में आग लग जाने से पांच घंटे बिजली बंद रही। कालूकुआं में फाल्ट से दो घंटे सप्लाई बाधित रही।
पीलीकोठी सब स्टेशन के एक कर्मी ने बताया कि अधिकारियों का कहना है कि अधिक लोड व तपिश से ट्रांसफार्मर व लाइन में फाल्ट न हो, इसके लिए प्रत्येक फीडर को दो घंटे चालू रखने के बाद कुछ देर बंद कर दिया जाए।
उधर, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के सहायक अभियंता जीएस वर्मा का कहना है कि 132 केवी उपकेंद्र चिल्ला में निर्माणाधीन 33 केवी विद्युत उपकेंद्र , जहीर क्लब के लिए 33 केवी लाइन का निर्माण होने से कई मोहल्लों की बिजली शाम तक बाधित रही। दूसरा लोड व तपिश से ट्रांसफार्मर अधिक फुंक रहे हैं। लाइनों में फाल्ट हो रहा है, जिससे बिजली की नियमित आपूर्ति में व्यवधान हो रहा है।